कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार रेलवे स्टेशन से लापता 10 वर्षीय बालक को GRP हरिद्वार ने करीब 30 मिनट में सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर जीआरपी उत्तराखंड की त्वरित कार्रवाई का मामला सामने आया है। भीड़भाड़ के बीच अपने परिजनों से बिछड़े 10 वर्षीय बालक को जीआरपी हरिद्वार ने करीब 30 मिनट के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। बालक के मिलने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार कांवड़ मेला ड्यूटी के दौरान एक दंपत्ति अपने 10 वर्षीय पुत्र के रेलवे स्टेशन परिसर से लापता होने के बाद बेहद परेशान होकर जीआरपी हरिद्वार के खोया-पाया केंद्र पहुंचे। दंपत्ति ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि उनका पुत्र भीड़भाड़ के कारण उनसे अलग हो गया है और काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल पा रहा है।
लापता बालक की पहचान सिद्धार्थ पुत्र अरुण सिंह, निवासी सेक्टर-9, गाजियाबाद के रूप में बताई गई। सूचना मिलते ही जीआरपी हरिद्वार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक की तलाश के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही बनी हुई है। ऐसे में स्टेशन परिसर में किसी बच्चे का परिजनों से अलग हो जाना परिवार के लिए चिंता का कारण बन सकता है। सूचना मिलने के बाद जीआरपी कर्मियों ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर बालक की तलाश शुरू की।
सूचना प्राप्त होते ही जीआरपी टीम द्वारा बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। लाउडस्पीकर के माध्यम से बालक के नाम एवं हुलिए का सार्वजनिक ऐलान कराया गया। साथ ही रेलवे प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल एवं आसपास के परिसरों में विशेष पुलिस टीमों को रवाना कर सघन खोजबीन शुरू की गई।जीआरपी हरिद्वार की सक्रियता का परिणाम रहा कि लापता बालक को करीब 30 मिनट के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। बालक के मिलने की सूचना उसके परिजनों को दी गई। इसके बाद आवश्यक पहचान और पुष्टि की कार्रवाई के उपरांत बालक को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। कांवड़ मेले के दौरान जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली।
कांवड़ मेले में बढ़ी रेलवे पुलिस की जिम्मेदारी
कांवड़ मेला हरिद्वार में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख केंद्र बना रहता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यात्रियों की सहायता करना भी जीआरपी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मेले के दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में खोया-पाया केंद्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। परिजनों से बिछड़ने वाले बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी तलाश के प्रयास किए जाते हैं। इस मामले में भी दंपत्ति ने समय रहते जीआरपी के खोया-पाया केंद्र पहुंचकर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई शुरू की और कम समय में बालक का पता लगाने में सफलता हासिल की।
जीआरपी की त्वरित कार्रवाई से परिवार को मिली राहत
जीआरपी कर्मियों द्वारा तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ किए गए अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप महज 30 मिनट की सघन खोजबीन के बाद बालक सिद्धार्थ को रेलवे स्टेशन परिसर के एक हिस्से से सकुशल बरामद कर लिया गया।बालक को सकुशल पाकर उसके माता-पिता के चेहरे पर खुशी लौट आई।कांवड़ मेले जैसे बड़े आयोजन में पुलिस, प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण रहता है। यात्रियों द्वारा समय पर सूचना देना और पुलिस द्वारा उस पर तत्काल कार्रवाई करना ऐसे मामलों में प्रभावी साबित होता है। जीआरपी हरिद्वार की इस कार्रवाई से यह भी संदेश मिलता है कि मेले के दौरान किसी व्यक्ति के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में तत्काल पुलिस की मदद लेनी चाहिए। इससे तलाश को जल्द शुरू किया जा सकता है और परिजनों को भी समय पर राहत मिल सकती है। पुलिस टीम उ0नि0 गुरप्रीत का0 पिंकी कोहली S.I. UT रोहित रामोला S.I. UT मनमोहन जलाल S.I. UT शिवम तोमर (39)
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