हरिद्वार में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण करते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । जनपद हरिद्वार में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह शनिवार को हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। जिला कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ देश की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को कृतज्ञतापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में देश को आजादी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और उनके योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देशवासियों के अधिकारों, जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत है।
जनपद में 80 वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पूर्व देशभक्ति गीत वंदेमातरम का गायन किया गयाजिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनायें एवं बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों,वीर शहीदों ने देश के आजादी के लिए अपने प्राणों को निछावर कर आजादी दिलाई है ,जिस कारण आज हम अपना 80 वां स्वतंत्र दिवस मना रहे है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहिदों के सपनों को साकार करने के लिए सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं ईमानदारी से करना चाहिये।
जिला कार्यालय परिसर में हुआ ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट किया। पूरे परिसर में स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके संघर्ष के कारण देश को स्वतंत्रता मिली और आज भारत लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
स्वतंत्रता दिवस का यह अवसर प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है। देश की प्रगति में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की अपनी-अपनी भूमिका है। ऐसे राष्ट्रीय पर्व नागरिकों में एकता, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा की सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर निवासरत व्यक्ति तक पहुंचना है ताकि उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन मानस अपने कार्यों एवं समस्याओं को लेकर कार्यालय में आने पर उसकी जो भी समस्या एवं कार्य है उसे संबंधित अधिकारी एवं संबंधित पटल सहायक बिना किसी भेदभाव एवं स्वार्थ के कार्यों का तत्परता से निराकरण किया जाए ताकि किसी भी व्यक्ति को अपने कार्यों के लेकर दोबारा कार्यालयों में न आने पड़े।
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के संघर्ष और बलिदानों को विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता लंबी लड़ाई और असंख्य लोगों के त्याग का परिणाम है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और राष्ट्र की आजादी के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया। स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा गया कि वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि वह देश की स्वतंत्रता के महत्व को समझे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपना योगदान दे। राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि इतिहास से सीख लेने और भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
आयोजित समारोह में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों तथा राज्य आंदोलनकारियों को पुष्प माला एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सैनानी जितेंद्र रघुवंशी,भारत भूषण विद्यालंकार,वीरेंद्र गहलोत,अर्जुन सिंह राणा,आशिक कुमार चौहान,कृष्ण गोपाल पंत,श्रीमती सुनीता त्रिपाठी,श्रीमती सरिता नेगी पंवार (सेवानिवृत विग कमांडर), राज्य आंदोलनकारी हयात सिंह रावत,जसवंत सिंह बिष्ट को सम्मानित किया गया।पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपित किया। पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी द्वारा पौधरोपण को स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़ते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच पौधरोपण और हरित क्षेत्र का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी परिसरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों और निजी स्तर पर भी पौधरोपण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। लाल चंदन का पौधा रोपित कर प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। पौधरोपण के साथ यह भी जरूरी है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे भविष्य में विकसित होकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
कांवड़ मेले दौरान गंगा के तेज भाव में बहने वाले श्रद्धालुओं का सफल रेस्क्यू करते हुए उनकी जान को बचाया गया, जिसके लिए बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप सेंटर के ग्रुप लीडर सूबेदार कुलविंदर सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आनंदमई सेवा सदन इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीतो की प्रस्तुति भी दी गई तथा गायन की प्रस्तुति देने पर छात्राओं को पुरुस्कार वितररित भी किया गया।
आजादी के साथ जिम्मेदारियों को समझने का अवसर
स्वतंत्रता दिवस देशवासियों के लिए गौरव और आत्ममंथन दोनों का अवसर होता है। वर्ष 1947 में देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत ने लोकतंत्र, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और अर्थव्यवस्था सहित अनेक क्षेत्रों में लंबी यात्रा तय की है। इस यात्रा में देश के नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। हरिद्वार में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी देश की स्वतंत्रता और उसके महत्व को याद किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाने तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने की भावना व्यक्त की।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में लाल चंदन का पौध रोपित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आपदा प्रबंधन एवं एकुम्स कंपनी के सहयोग से चंदन एवं गुलमोहर के 100 पौधे रोपित किए गए।आजादी के बाद देश ने अनेक चुनौतियों का सामना किया और समय के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत किया। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान के मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
इससे पूर्व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कैंप कार्यालय में ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक अधिकारी नवीन मोहन द्वारा किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम ने समारोह को पर्यावरण संरक्षण के संदेश से भी जोड़ा। वर्तमान समय में स्वच्छ हवा, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। आम नागरिकों की भागीदारी के बिना किसी भी पर्यावरणीय अभियान को स्थायी सफलता मिलना कठिन है। पौधरोपण के साथ पेड़ों की देखभाल, जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम इस्तेमाल और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता जैसे छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपित किए जाने को इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करता है।
हरिद्वार में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य संदेश देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को सम्मान देने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का रहा। ध्वजारोहण के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को याद किया गया और देश की प्रगति में सभी की भागीदारी पर जोर दिया गया।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण और इसके बाद लाल चंदन का पौधा रोपित किया जाना समारोह के दो महत्वपूर्ण पहलू रहे। एक ओर जहां ध्वजारोहण के माध्यम से देश की स्वतंत्रता और उसके लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया, वहीं पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रशासनिक स्तर पर राष्ट्रीय पर्व के महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ नागरिकों को देश और पर्यावरण दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। समारोह में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।हरिद्वार में 15 अगस्त का यह आयोजन देशभक्ति, स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न हुआ। ध्वजारोहण और पौधरोपण के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव तथा प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास भी समारोह की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार,अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी, अजय कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह एनडीआरएफ, पुलिस के जवान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उनके परिजन व राज्य आंदोलनकारी कलेट्रेट कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी व छात्राएं मौजूद रहे ।
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