सिकंदरपुर भैसवाल में आयोजित चौपाल में पुलिस ने ग्रामीणों को नशा, साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान, साइबर अपराध से बचाव और महिला सुरक्षा को लेकर हरिद्वार पुलिस की ओर से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम सिकंदरपुर भैसवाल में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणाम, साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय और महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस चौपाल कार्यक्रम में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक अंकित थपालियाल के नेतृत्व में कोतवाली भगवानपुर पुलिस टीम ने ग्रामीणों से संवाद किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने या इसमें किसी प्रकार की सहायता करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। चौपाल के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी कई समस्याएं पैदा कर सकती है।
ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और ऐसी किसी भी जानकारी को पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया कि नशे से संबंधित सूचना देने में वे कानून के दायरे में आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार, नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज और स्थानीय लोगों की जागरूक भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। गांव स्तर पर लोगों की सतर्कता से अवैध गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंच सकती है।
चौपाल में ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों की मदद करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी व्यक्ति को नशे के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने या उसमें सहयोग करने से बचना चाहिए। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को इसकी जानकारी देना अधिक उचित है।
इस दौरान ग्रामीणों को यह संदेश भी दिया गया कि नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि परिवार और समाज के स्तर पर जागरूकता भी जरूरी है। चौपाल कार्यक्रम में पुलिस की ओर से नशे का सेवन करने वाले लोगों की काउंसलिंग और उन्हें नशे से दूर करने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को जागरूक कर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
नशा मुक्ति के लिए परिवार और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस ने ग्रामीणों को ऐसे लोगों के प्रति आवश्यक सहयोग और जागरूकता का वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीण स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों तक सीधे पहुंचकर उन्हें नशे से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देना है।
चौपाल में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। ग्रामीणों को संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज, लिंक और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने विशेष रूप से निजी और बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए जागरूक किया। आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध से जुड़े मामले भी सामने आते हैं। ऐसे में लोगों की जागरूकता साइबर ठगी से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकती है।
संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन जानकारी साझा करने से बचें
पुलिस ने ग्रामीणों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। किसी अनजान स्रोत से आए लिंक को खोलने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचना जरूरी बताया गया। इसके साथ ही ऑनलाइन बैंकिंग या डिजिटल भुगतान से संबंधित जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देने की सलाह दी गई। पुलिस ने लोगों से कहा कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि सामने आती है तो समय पर संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए।
चौपाल में साइबर अपराध के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए ग्रामीणों को डिजिटल सुरक्षा के सामान्य नियमों की जानकारी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूक किया।
ग्रामीणों से कहा गया कि महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। महिला सुरक्षा के लिए परिवार, समाज और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। पुलिस ने ग्रामीणों को कानून के तहत उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया।

चौपाल कार्यक्रम में पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें गांव या आसपास नशे की बिक्री अथवा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वे बिना डर पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस के अनुसार, अपराधों की रोकथाम के लिए स्थानीय लोगों से मिलने वाली सूचनाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं। ग्रामीणों को किसी संदिग्ध व्यक्ति से सीधे विवाद करने के बजाय पुलिस को जानकारी देने की सलाह दी गई। इससे एक ओर लोगों की सुरक्षा बनी रह सकती है, वहीं दूसरी ओर पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए समय पर जानकारी मिल सकती है।
सिकंदरपुर भैसवाल में आयोजित चौपाल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पुलिस और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना भी रहा। चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस स्थानीय लोगों की समस्याओं और चिंताओं को समझने के साथ-साथ उन्हें कानून और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी दे सकती है। प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक अंकित थपालियाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने ग्रामीणों को नशा, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा के विषयों पर जागरूक किया।
पुलिस का प्रयास है कि अपराध की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय लोगों को भी जागरूक और सतर्क बनाया जाए। हरिद्वार पुलिस की ओर से नशा मुक्त उत्तराखंड, साइबर अपराध से बचाव और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सिकंदरपुर भैसवाल में आयोजित चौपाल भी इसी अभियान का हिस्सा रही। ग्रामीणों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ साइबर फ्रॉड से बचने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
पुलिस ने ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि अपराध की रोकथाम में स्थानीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि लोग अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें और समय पर पुलिस को सूचना दें तो कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
चौपाल के माध्यम से पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने, साइबर गतिविधियों में सावधानी बरतने और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया। साथ ही नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। पुलिस के अनुसार, नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता, परिवार का सहयोग और प्रशासन-पुलिस के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी आवश्यक है। इसी तरह साइबर अपराध से बचने के लिए डिजिटल जागरूकता और महिला सुरक्षा के लिए सामाजिक जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
सिकंदरपुर भैसवाल में आयोजित चौपाल के जरिए पुलिस ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर इन तीनों विषयों पर जानकारी साझा की। आने वाले समय में ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षा और कानून से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करने का प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।
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