हरिद्वार में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और POSH Act के प्रावधानों को लेकर आयोजित बैठक।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरिद्वार में स्थानीय परिवाद समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम (POSH Act) के प्रावधानों के तहत जिले के विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई। बैठक का आयोजन जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में किया गया। बैठक में संबंधित अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया की ओर से एक पत्र तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। इस पत्र के माध्यम से जिले के सभी शासकीय, अर्धशासकीय और गैर-शासकीय संस्थानों को कार्यस्थल पर आंतरिक समिति गठित करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए। बैठक में बताया गया कि जिन कार्यस्थलों पर 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां POSH Act के प्रावधानों के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक निर्धारित और संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के अनुसार आंतरिक समिति के माध्यम से कार्यस्थल पर महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुना और उनका निवारण किया जा सकता है। बैठक में इस व्यवस्था को जिले के सभी संबंधित संस्थानों में लागू कराने पर विशेष जोर दिया गया। अर्धशासकीय ,गैर शासकीय ,संस्थाओं में पॉश एक्ट के अंतर्गत आंतरिक समिति बनाए जाने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया द्वारा एक पत्र तैयार किया गया। बैठक में स्थानीय शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. मनु शिवपुरी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों को लेकर जल्द ही एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
प्रस्तावित कार्यशाला के माध्यम से POSH Act के प्रावधानों, आंतरिक समितियों की भूमिका और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के बारे में संबंधित संस्थानों को जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कार्यस्थलों पर कानून के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। कार्यशाला के आयोजन से संबंधित विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधियों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि आंतरिक समिति का गठन किस उद्देश्य से किया जाता है और शिकायत मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किस प्रकार कार्रवाई की जाती है।
सरकारी और निजी संस्थानों पर भी लागू व्यवस्था
बैठक में स्पष्ट किया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित प्रावधान केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं हैं। जिले के शासकीय, अर्धशासकीय और गैर-शासकीय संस्थानों को भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसमें उन कार्यस्थलों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है जहां निर्धारित संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। आंतरिक शिकायत समिति का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों के लिए एक औपचारिक तंत्र उपलब्ध कराना है। जिला स्तर पर स्थानीय परिवाद समिति की भूमिका भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण मानी जाती है, विशेषकर उन परिस्थितियों में जहां संबंधित संस्थान में निर्धारित व्यवस्था उपलब्ध न हो या कानून के अनुसार स्थानीय स्तर पर शिकायत निवारण की आवश्यकता हो।
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी विभाग अपने अपने कार्यस्थलों पर आंतरिक समितियां बना कर जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया को सूचित करें। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती शशि शर्मा और अधिवक्ता रश्मि उपाध्याय भी उपस्थित रहीं। बैठक के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और संबंधित संस्थानों में आवश्यक समितियों के गठन को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए आंतरिक समितियों के गठन की जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। POSH Act इसी उद्देश्य से शिकायतों के निवारण के लिए एक निर्धारित कानूनी ढांचा उपलब्ध कराता है। हरिद्वार में हुई इस बैठक के माध्यम से जिले के विभिन्न संस्थानों में इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू कराने पर जोर दिया गया है। अब संबंधित विभागों और संस्थानों से आंतरिक समितियों के गठन की जानकारी जुटाई जाएगी।
जिला प्रशासन के निर्देशन में हुई बैठक में अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के पालन और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। प्रस्तावित कार्यशाला के आयोजन के बाद इस विषय पर संस्थानों और कर्मचारियों के बीच जानकारी और बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत संबंधित संस्थानों को आंतरिक समितियों के गठन और उसकी जानकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी
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