हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 10 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट सहित दूध, पनीर और मावा के कुल 10 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। साथ ही संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना और आम लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
सहायक आयुक्त/अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में 3 सितंबर को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच की गई। विभाग की टीमों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर इस तरह के निरीक्षण अभियान चलाता है, ताकि बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा सके। उन्होंने बताया कि उपायुक्त गढ़वाल आर.एस. रावत के नेतृत्व में जगजीतपुर पुलिस चौकी के समीप दूध सप्लाई वाहनों एवं सराय रोड स्थित होलसेल एजेंसियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खुले दूध के पांच नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए तथा बिना फूड लाइसेंस के कार्य कर रहे दो मिल्क सप्लायरों को नोटिस जारी किया गया।
कैडबरी डेयरी मिल्क समेत इन खाद्य पदार्थों के नमूने
निरीक्षण अभियान के दौरान विभाग की टीमों ने कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट, दूध, पनीर और मावा समेत कुल 10 खाद्य नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट की शिकायत मिलने पर सराय रोड स्थित चॉकलेट डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने स्टोरेज, चिलिंग चैंबर, सप्लाई वाहनों तथा संबंधित बैच नंबर से जुड़े अभिलेखों की गहन जांच की। डिस्ट्रीब्यूटर को निर्देश दिए गए कि संबंधित बैच नंबर की बाजार में उपलब्ध सभी चॉकलेट तत्काल हटाई जाएं तथा अनुपालन रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए किसी खाद्य उत्पाद को गुणवत्ता के मानकों पर खरा या खरा न उतरने वाला बताना जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उचित होगा। विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान संबंधित बैच की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य जांच प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित बैच की बिक्री को नियंत्रित करना है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के तहत बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की निगरानी की जाती है। यदि किसी खाद्य उत्पाद को लेकर गुणवत्ता संबंधी शिकायत या संदेह सामने आता है तो नियमानुसार उसका नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों और प्रचलित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
अभियान के दौरान लिए गए 10 खाद्य नमूनों की वास्तविक गुणवत्ता को लेकर स्थिति प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। विभाग द्वारा नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसलिए फिलहाल इसे किसी खाद्य उत्पाद के खिलाफ अंतिम कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। नमूने लिए जाने का उद्देश्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। बाजार में दूध और उससे बने उत्पादों जैसे पनीर और मावा की मांग लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी तरह पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की भी नियमित जांच की जाती है। विभाग की टीमों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध खाद्य सामग्री, संबंधित दस्तावेजों और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जा सकती है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा द्वारा कनखल क्षेत्र स्थित डेयरियों एवं निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पनीर का एक तथा मावा का एक नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए लिया गया।
वहीं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेन्द्र पाण्डेय ने रुड़की शहर के होटल एवं डेयरियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पनीर का एक नमूना लिया गया तथा होटल संचालकों को खाद्य निर्माण में केवल पैक्ड पनीर का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए। खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। विभाग की ओर से समय-समय पर किए जाने वाले निरीक्षण इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं।
हरिद्वार में चलाए गए इस अभियान के बाद अब सभी 10 खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों से संबंधित कोई कमी पाई जाती है तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। सहायक आयुक्त/अभिहित अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि इस अभियान के दौरान जनपद हरिद्वार में कुल 10 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिए गए हैं। विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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