Aeroflex Industries शेयर में तेजी और सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे
सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹36.56 करोड़ रहा, रेवेन्यू 87% बढ़ा। एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई, ₹614 का स्तर अहम
शेयर बाजार में एरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज (Aeroflex Industries) का शेयर 29 अक्टूबर 2026 को मजबूत तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों में मुनाफा सालाना आधार पर करीब 157% बढ़कर ₹36.56 करोड़ पहुंच गया, जबकि ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 87% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। हालांकि, शेयर में आगे भी तेजी जारी रहेगी या नहीं, यह कंपनी के प्रदर्शन, वैल्यूएशन और बाजार की चाल पर निर्भर करेगा।
Aeroflex Industries के शेयर में तेजी की वजह क्या है?
कंपनी ने 28 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंसोलिडेटेड आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले मजबूत बढ़ोतरी हुई है।
| प्रमुख वित्तीय आंकड़े | Q2 FY27 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|
| ऑपरेशंस से रेवेन्यू | ₹207.36 करोड़ | 87% की बढ़ोतरी |
| नेट प्रॉफिट | ₹36.56 करोड़ | करीब 157% की बढ़ोतरी |
| पिछले साल का रेवेन्यू | ₹110.87 करोड़ | — |
| पिछले साल का नेट प्रॉफिट | ₹14.23 करोड़ | — |
रेवेन्यू में बढ़ोतरी के साथ कंपनी के मुनाफे में भी तेज उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, नतीजों को समझते समय एक अहम बात ध्यान में रखनी चाहिए। कंपनी ने प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट पर डेप्रिसिएशन की गणना का तरीका बदला है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से सितंबर तिमाही का डेप्रिसिएशन खर्च करीब ₹8.41 करोड़ कम और टैक्स के बाद मुनाफा करीब ₹8.23 करोड़ अधिक रहा। इसलिए मुनाफे की वृद्धि का आकलन करते समय इस लेखांकन बदलाव को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
कंपनी ने विलय और CFO को लेकर भी लिया फैसला
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Hyd-Air Engineering Private Limited के विलय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके अलावा, द्रष्टि भिल को 28 नवंबर 2026 से तीन साल की अवधि के लिए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में पुनर्नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है।

विलय प्रस्ताव की आगे की प्रक्रिया और जरूरी मंजूरियां महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल इसे सैद्धांतिक मंजूरी के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि विलय की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के रूप में।
शेयर का पिछला प्रदर्शन कैसा रहा?
एरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज के शेयर ने 2026 में उल्लेखनीय तेजी दिखाई है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, शेयर ने 14 अक्टूबर 2026 को ₹613.70 का 52-सप्ताह का उच्च स्तर छुआ था। 23 जनवरी 2026 को इसका 52-सप्ताह का निचला स्तर ₹157.85 रहा था।
29 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में भी शेयर में तेजी दर्ज की गई। हालांकि, बाजार के दौरान कीमत लगातार बदलती रहती है, इसलिए खबर पढ़ते समय मौजूदा भाव और कारोबार के समय की पुष्टि करना जरूरी है।
क्या शेयर ₹650 तक जा सकता है?

शेयर के लिए ₹650 का स्तर चर्चा में है, लेकिन इसे निश्चित लक्ष्य या गारंटीड रिटर्न नहीं माना जा सकता। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कुछ बाजार विशेषज्ञों ने तेजी की संभावना जताई है, जबकि कुछ ने मौजूदा भाव पर नए निवेश को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।
आपके उपलब्ध विश्लेषण में ग्लोब कैपिटल मार्केट के AVP-रिसर्च विपिन कुमार ने गिरावट आने पर ₹500–₹520 के दायरे पर नजर रखने और ₹650 का लक्ष्य बताया है। दूसरी ओर, AT रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के आदित्य ठुकराल ने ₹480–₹600 के संभावित ट्रेडिंग दायरे का उल्लेख करते हुए ऊंचे स्तरों पर जोखिम-रिटर्न के संतुलन को लेकर सावधानी जताई है। इन दोनों विशेषज्ञों की राय को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है, इसलिए निवेश से पहले मूल रिपोर्ट की पुष्टि करें।
₹614 का स्तर क्यों महत्वपूर्ण है?
शेयर का ₹613.70 का पिछला 52-सप्ताह का उच्च स्तर तकनीकी नजरिए से महत्वपूर्ण है। इस स्तर के आसपास शेयर को बिकवाली का दबाव मिलता है या वह इसके ऊपर टिकाऊ कारोबार करता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी। हालांकि, केवल एक रेजिस्टेंस स्तर के टूटने से आगे तेजी की गारंटी नहीं मिलती।
निवेशकों को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- ₹600–₹614 का दायरा: शेयर की तेजी और संभावित बिकवाली के दबाव को समझने के लिए अहम स्तर।
- ₹500–₹520 का दायरा: उपलब्ध विश्लेषण में बताया गया संभावित स्तर, न कि सुनिश्चित खरीदारी का संकेत।
- आगे के तिमाही नतीजे: यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेवेन्यू और मुनाफे की वृद्धि आगे भी बनी रहती है या नहीं।
- वैल्यूएशन और जोखिम: तेज बढ़त के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रह सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
एरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज के सितंबर तिमाही के नतीजे रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत वृद्धि दिखाते हैं। लेकिन मुनाफे पर डेप्रिसिएशन पद्धति में बदलाव के असर को भी समझना जरूरी है। साथ ही, शेयर पहले ही अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब पहुंच चुका है, इसलिए सिर्फ पिछली तेजी देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
₹650 का स्तर एक विशेषज्ञ का अनुमान है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं। निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक फाइलिंग, मौजूदा बाजार भाव, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें। यह खबर केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है, निवेश की व्यक्तिगत सलाह नहीं।
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