बिछड़े मासूम शिवांश को परिजनों के सुपुर्द करती हरिद्वार पुलिस
हरिद्वार पुलिस की तत्परता से बिछड़ा मासूम परिजनों से मिला, डेढ़ वर्षीय शिवांश को सुरक्षित सौंपा गया
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में एक बार फिर पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और मानवता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। परिजनों से बिछड़कर भटक रहे एक डेढ़ वर्षीय मासूम बालक को हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षित उसके परिवार से मिलवा दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घाट कर्मी की सजगता के चलते बच्चे को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार की चिंता और परेशानी दूर हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज एक घाट कर्मी को एक छोटा बच्चा अकेला घूमता हुआ मिला। बच्चा काफी कम उम्र का होने के कारण घबराया हुआ था और अपने परिजनों से बिछड़ गया था। घाट कर्मी ने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे को तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम, हरिद्वार पहुंचाया और पूरी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस कंट्रोल रूम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि बच्चा अपनी कम उम्र के कारण अपना पूरा नाम और पता स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। ऐसे में पुलिस के सामने उसके परिजनों तक पहुंचना एक चुनौती थी, लेकिन पुलिस ने बिना समय गंवाए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। बालक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने तत्काल पीए सिस्टम के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर लगातार अनाउंसमेंट करवाना शुरू किया। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी बच्चे के परिजनों की तलाश की गई। पुलिसकर्मी लगातार लोगों से संपर्क कर बच्चे की पहचान कराने का प्रयास करते रहे।
पुलिस की मेहनत जल्द ही रंग लाई और अनाउंसमेंट सुनने के बाद बच्चे के परिजन पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र अचानक भीड़ में उनसे बिछड़ गया था, जिसके बाद वे उसकी तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे। अपने बच्चे के गुम होने से परिवार बेहद परेशान और चिंतित था।
पुलिस ने बच्चे को परिजनों को सौंपने से पहले आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी की। सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद डेढ़ वर्षीय बालक शिवांश को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। जानकारी के अनुसार बालक का नाम शिवांश है, जिसकी उम्र लगभग डेढ़ वर्ष है। उसके पिता का नाम राहुल है और परिवार नजीबाबाद का निवासी है। अपने बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और हरिद्वार पुलिस के साथ-साथ घाट कर्मी का भी हृदय से धन्यवाद किया।
परिजनों ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस और घाट कर्मी की मदद नहीं मिलती तो बच्चे को ढूंढना बेहद कठिन हो सकता था। उन्होंने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि वह केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करती है। भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अक्सर छोटे बच्चे परिजनों से बिछड़ जाते हैं, ऐसे में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ऐसे मामलों में बड़ी राहत प्रदान करती है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा या व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ा हुआ मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि उसे शीघ्र और सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके। हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई न केवल उसकी कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि समाज के प्रति उसकी संवेदनशील और नसेवा की भावना को भी उजागर करती है।
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