हरिद्वार पुलिस ने 10 दिन की कड़ी मेहनत के बाद चोरी हुई 4 माह की मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
हरिद्वार, 13 जून। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और पेशेवर जांच का परिचय देते हुए 4 माह की अपहृत मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। लगभग 10 दिन पहले हरिद्वार के विष्णु घाट क्षेत्र से चोरी हुई बच्ची की तलाश में जुटी पुलिस ने उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक जांच का दायरा बढ़ाया और आखिरकार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 को संभल (उत्तर प्रदेश) निवासी पुष्पेंद्र ने सूचना दी कि वह अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। रात में परिवार विष्णु घाट स्थित हाथी पुल के पास एक पेड़ के नीचे सो गया था। सुबह जागने पर उनकी चार माह की बेटी गायब मिली। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी शुरू कर दी। हाल के दिनों में बच्चों के अपहरण की घटनाओं को गंभीर चुनौती मानते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक संदिग्ध दंपत्ति पुलिस के रडार पर आया। फुटेज में यह दंपत्ति पहले एक बच्चे के साथ और बाद में दो बच्चों के साथ दिखाई दिया। आगे की जांच में पता चला कि दोनों हरिद्वार से बस द्वारा धामपुर पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए आगे निकल गए।
पुलिस टीम ने धामपुर से हावड़ा के बीच पड़ने वाले दर्जनों रेलवे स्टेशनों पर जानकारी जुटाई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच का एंगल बदला गया और संदिग्धों की हरिद्वार में गतिविधियों को खंगाला गया। तफ्तीश के दौरान पता चला कि यह दंपत्ति शिवालिक नगर क्षेत्र की ब्रह्मपुरी में एक कथित बाबा सत्यपाल की झोपड़ी में रह रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल छापेमारी कर बाबा सत्यपाल, लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीति रानी को हिरासत में ले लिया। उनके कब्जे से गायब बच्ची भी सकुशल बरामद कर ली गई।

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक दंपत्ति को बेटा चाहिए था और इसके बदले तीन लाख रुपये मिलने थे। इसी लालच में उन्होंने बच्चा चोरी की साजिश रची। आरोपियों ने हरिद्वार की भीड़भाड़ का फायदा उठाकर घाटों से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई थी। घटना वाली रात आरोपी दंपत्ति अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर घाटों पर घूम रहे थे। सुबह करीब चार बजे उन्होंने सो रहे परिवार के बीच से बच्ची को लड़का समझकर उठा लिया। बाद में जब उन्हें पता चला कि बच्ची लड़की है तो वे उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना बनाने लगे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
पुलिस की इस सफलता को आमजन भी सराह रहे हैं। हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका। पुलिस ने इस मामले में सत्यपाल, लाल बहादुर और प्रीति रानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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