रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार/रुड़की। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका, रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका परिश्रम, अनुशासन और संस्कार ही उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाएंगे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करेगा।
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उत्कृष्ट सफलता यह सिद्ध करती है कि परिश्रम,

अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने विद्या भारती की शिक्षा एवं संस्कार आधारित व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में गोरखपुर से शुरू हुई सरस्वती शिशु मंदिर की यात्रा आज देशभर में लगभग 13 हजार औपचारिक और 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों तक पहुंच चुकी है, जहां करीब 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी 562 विद्यालयों में लगभग सवा लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं
मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और भविष्य की सभी परीक्षाओं एवं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि विद्या भारती ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में गोरखपुर से प्रारंभ हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में विद्या भारती देशभर में लगभग 13 हजार औपचारिक एवं 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से करीब 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर रही है। उत्तराखंड में 562 विद्यालयों में लगभग सवा लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संगठन के सभी आचार्यों, स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, रोजगारपरक और व्यावहारिक बनाया है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेज, आईटी लैब और छात्रावास जैसी अनेक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम्’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसके अलावा यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया।
इस अवसर पर आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर की अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या देवी आर्या, विद्या भारती के केंद्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू, भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ला, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की की मेयर अनीता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, राज्यमंत्री श्यामवीर सिंह सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, उपजिलाधिकारी देवेंद्र नेगी सहित विभिन्न जिलों से आए अभिभावक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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