हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की अवस्थापना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मेलाधिकारी सोनिका ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के निर्देश दिए।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार धार्मिक नगरी हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश करने जा रही हैं। कांवड़ मेला-2026 के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन के बाद मेला प्रशासन कुंभ-2027 से जुड़ी अवस्थापना विकास परियोजनाओं को पूरी गति से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेले के कारण जिन परियोजनाओं की गति प्रभावित हुई थी, उन्हें अब युद्धस्तर पर पूरा कराया जाएगा ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकें।
इसी उद्देश्य से बुधवार को मेलाधिकारी सोनिका ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, तकनीकी सेल तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कुंभ मेला-2027 से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए पूरे किए जाएं। मेलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ मेला समाप्त होने के तुरंत बाद सभी कार्यदायी संस्थाएं अपने-अपने निर्माण स्थलों पर पूर्ण क्षमता के साथ कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए।
कुंभ-2027 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन इस बार यातायात और आवागमन व्यवस्था को पहले से अधिक सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में कुंभ क्षेत्र में पांच नए पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। मेलाधिकारी सोनिका ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि इन पुलों का निर्माण निर्धारित समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलों की मजबूती और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की से भी तकनीकी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्टील स्ट्रक्चर से जुड़े निर्माण कार्यों का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो। समीक्षा बैठक में यह भी तय किया गया कि कुंभ मेला-2027 से संबंधित सभी स्थायी एवं अस्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से नए बस अड्डों का विकास पार्किंग स्थलों का निर्माण प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण एवं सुधार फुटपाथ एवं पैदल मार्गों का निर्माण फसाड लाइटिंग शहर का सौंदर्यीकरण यातायात प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। मेलाधिकारी ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य केवल कुंभ मेले का सफल आयोजन नहीं बल्कि हरिद्वार शहर के दीर्घकालिक विकास को भी गति देना है
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षाकाल समाप्त होने के तुरंत बाद कुंभ शिविरों के लिए चिन्हित भूमि की सफाई और समतलीकरण का कार्य प्रारंभ किया जाए। प्रशासन का मानना है कि यदि यह कार्य समय पर शुरू हो जाता है तो शिविर निर्माण, अस्थायी सड़कें, विद्युत व्यवस्था, जलापूर्ति, शौचालय, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को निर्धारित समय में पूरा करना आसान होगा।
हरित कुंभ की दिशा में विशेष पहल
कुंभ-2027 को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने की भी योजना बनाई है। मेलाधिकारी सोनिका ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला मद से बनने वाली सभी सड़कों, पुलों, घाटों तथा अन्य विकास परियोजनाओं के आसपास अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए ताकि हरिद्वार का हरित आवरण बढ़ाया जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में निर्माण कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। मेलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सड़क, पुल या अन्य परियोजनाओं में अतिक्रमण बाधा बन रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित कार्यदायी संस्था समय पर अतिक्रमण नहीं हटाती है तो उसके भुगतान पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मानसून के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बैठक में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां-जहां जलभराव की समस्या सामने आई है वहां स्थायी समाधान की योजना तैयार कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का मानना है कि बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था भविष्य में कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी।
गुणवत्ता और समयबद्धता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ-2027 देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है। इसलिए किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध कार्य योजना के अनुसार कार्य करने तथा नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि निर्माण कार्यों की निगरानी लगातार की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, वित्त नियंत्रक लखेन्द्र गौंथियाल, तकनीकी सेल के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। प्रशासन का मानना है कि यदि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं तो कुंभ मेला-2027 के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात, सुरक्षित आवागमन, आधुनिक सुविधाएं और सुव्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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