हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ मेले के दौरान बिछड़े छह वर्षीय बच्चे को आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई की मदद से उसकी मां से सकुशल मिलाया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 के दौरान जहां लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं, वहीं भीड़भाड़ के बीच बिछड़ने की घटनाओं को रोकने और लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने में उत्तराखंड पुलिस लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और तकनीक के प्रभावी उपयोग से एक छह वर्षीय बालक को सकुशल उसके परिवार से मिलाकर संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण प्रस्तुत किया।
पुलिस के अनुसार 5 अगस्त 2026 की शाम नहर पटरी दौलतपुर क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को लगभग छह वर्ष का एक बालक रोता हुआ और घबराई हुई अवस्था में मिला। भीड़भाड़ के कारण वह अपने माता-पिता से बिछड़ गया था और स्वयं घर का रास्ता भी नहीं बता पा रहा था। ड्यूटी पर मौजूद जवानों ने तत्काल बच्चे को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसे शांत कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान बालक ने अपना नाम वंश बताया। उसने अपनी माता का नाम पूजा तथा अपने गांव का नाम नूरपुर, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) बताया। पुलिस ने उपलब्ध सीमित जानकारी के आधार पर बच्चे के परिजनों तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
पुलिस ने सबसे पहले हरिद्वार और रुड़की कंट्रोल रूम को पूरे मामले की सूचना दी ताकि आसपास के क्षेत्रों में यदि बच्चे के संबंध में कोई सूचना प्राप्त हो तो तत्काल समन्वय किया जा सके। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए गूगल मैप पर बताए गए गांव नूरपुर की जानकारी खोजी। गांव में स्थित एक जनरल स्टोर संचालक से संपर्क स्थापित किया गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे के परिवार तक पहुंचने का प्रयास जारी रखा गया। कुछ ही समय बाद पुलिस को बच्चे के घर का संपर्क नंबर प्राप्त हो गया। पुलिस ने मोबाइल फोन के माध्यम से बच्चे की मां पूजा से बात की। बातचीत में पता चला कि वह स्वयं कलियर क्षेत्र में अपने बेटे की तलाश कर रही थीं और लगातार चिंतित थीं।
बच्चे की मां से संपर्क होने के बाद पुलिस टीम तत्काल निर्धारित स्थान पर पहुंची। आवश्यक पहचान की पुष्टि करने के बाद छह वर्षीय वंश को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। काफी देर से अपने बेटे की तलाश कर रही मां ने जब बच्चे को सकुशल देखा तो भावुक हो गईं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मेले जैसे विशाल आयोजनों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों के बिछड़ने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। पुलिस की प्राथमिकता ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाना है।
कांवड़ मेले में पुलिस की विशेष व्यवस्था
हरिद्वार पुलिस द्वारा कांवड़ मेला-2026 के दौरान विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सहायता केंद्र, कंट्रोल रूम और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही खोया-पाया केंद्रों को भी सक्रिय रखा गया है ताकि बिछड़े हुए बच्चों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द उनके परिवार से मिलाया जा सके। पुलिस आधुनिक तकनीक, मोबाइल संचार, कंट्रोल रूम समन्वय और स्थानीय नेटवर्क का उपयोग कर ऐसे मामलों का त्वरित समाधान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान प्रत्येक पुलिसकर्मी को संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरिद्वार पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले में छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा बच्चों की जेब में अभिभावक का नाम और मोबाइल नंबर अवश्य रखें। यदि कोई बच्चा या व्यक्ति बिछड़ा हुआ मिले तो उसे स्वयं कहीं ले जाने के बजाय तुरंत निकटतम पुलिस सहायता केंद्र, कंट्रोल रूम या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि समय पर मिली सूचना से बिछड़े लोगों को शीघ्र उनके परिवार तक पहुंचाना संभव हो जाता है। प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने में सहभागिता का अनुरोध किया है।
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