कांगड़ा घाट पर गंगा की तेज धारा में बह रही दो महिलाओं को SDRF टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार। हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर शनिवार को स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा में बह रही दो महिलाओं को एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की और दोनों महिलाओं को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश निवासी दो महिलाएं कांगड़ा घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंची थीं। स्नान के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर बहने लगीं। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद एसडीआरएफ जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाला।
महिलाओं के गंगा की धारा में बहने की सूचना मिलते ही SI पंकज सिंह खरोला के नेतृत्व में एसडीआरएफ जवानों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने तेजी और सतर्कता के साथ गंगा में फंसी दोनों महिलाओं तक पहुंचने का प्रयास किया। रेस्क्यू टीम ने अथक प्रयास और साहस का परिचय देते हुए दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर हुई कार्रवाई के कारण दोनों महिलाओं को किसी गंभीर स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव और फिसलन के कारण श्रद्धालुओं के लिए जोखिम बना रहता है। खासकर उन स्थानों पर जहां नदी का बहाव तेज होता है, वहां सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। प्रशासन और पुलिस की ओर से भी श्रद्धालुओं को लगातार निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की जाती है। कांगड़ा घाट पर हुई इस घटना में भी महिलाओं के पैर फिसलने के बाद वे तेज धारा में बहने लगी थीं। ऐसे में मौके पर मौजूद एसडीआरएफ टीम की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित हुई।
सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद दोनों महिलाओं ने एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने टीम के जवानों द्वारा दिखाई गई तत्परता और साहस की सराहना की।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर लगातार तैनात रहती हैं। गंगा घाटों पर स्नान के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए रेस्क्यू कर्मियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण रहती है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
हरिद्वार में इन दिनों गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना और प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करना जरूरी है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे गंगा स्नान के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा नदी के गहरे या तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने का जोखिम न लें। किसी भी आपात स्थिति में स्वयं बचाव का प्रयास करने के बजाय तुरंत पुलिस, जल पुलिस या एसडीआरएफ की सहायता लेना अधिक सुरक्षित है।
कांगड़ा घाट पर दो महिलाओं के सफल रेस्क्यू की घटना एक बार फिर बताती है कि आपात स्थिति में कुछ ही क्षण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। एसडीआरएफ टीम की समय पर सक्रियता और रेस्क्यू कार्रवाई से दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचाया जा सका। हरिद्वार के गंगा घाटों पर तैनात सुरक्षा और रेस्क्यू टीमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्क रहती हैं। इस घटना में भी एसडीआरएफ जवानों ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
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