कांवड़ मेला 2026 के दौरान संजय पुल के पास घायल हुए शिवभक्त को प्राथमिक उपचार के लिए भेजते पुलिसकर्मी।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को साबित किया। संजय पुल के पास गंगाजल लेकर जा रहे एक शिवभक्त का सीढ़ियों से पैर फिसल गया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई। घटना के तुरंत बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए घायल श्रद्धालु को प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाकर समय पर उपचार उपलब्ध कराया। मौके पर मौजूद अन्य कांवड़ियों ने भी पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार की सराहना की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल श्रद्धालु की पहचान आर्यन कुमार, निवासी ग्राम अलीपुर, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार आए थे और गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान संजय पुल के समीप सीढ़ियों से उतरते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़े। गिरने से उनके सिर पर गहरी चोट लगी, जिससे आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के समय ड्यूटी पर तैनात रिक्रूट आरक्षी सुमित चौहान और रिक्रूट आरक्षी गौरव बुडाकोटी ने स्थिति को तुरंत भांप लिया। दोनों जवान तत्काल घायल श्रद्धालु के पास पहुंचे और प्राथमिक सहायता प्रदान करते हुए बिना किसी देरी के उन्हें नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा उपचार केंद्र भेजा। समय पर उपचार मिलने से घायल की स्थिति नियंत्रण में रही और आगे की चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित की गई।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु विभिन्न घाटों, पुलों और मार्गों से होकर गुजरते हैं। भीड़ और लगातार आवागमन के कारण कई बार फिसलने या चोट लगने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार तैनात रहती हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिसकर्मियों ने बेहद कम समय में घायल श्रद्धालु तक पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। उनकी त्वरित कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में भरोसा बढ़ा और कई कांवड़ियों ने उत्तराखंड पुलिस के सेवा भाव और तत्परता की प्रशंसा की। श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसी मुस्तैदी से बड़ी दुर्घटनाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कांवड़ मेला-2026 के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सहायता के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों, घाटों, पुलों और संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल, चिकित्सा दल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। साथ ही कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेले की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन श्रद्धालुओं से लगातार अपील कर रहा है कि वे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें, सीढ़ियों और घाटों पर जल्दबाजी न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बरसात या गीली सतह वाले स्थानों पर संतुलित होकर चलने की सलाह दी जा रही है ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही पूरी तरह प्रभावी बन सकती है। इसलिए सभी यात्रियों को संयम, सतर्कता और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि उत्तराखंड पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की हर घड़ी में लोगों की सहायता के लिए पूरी तत्परता से कार्य करती है। घायल शिवभक्त को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराकर पुलिसकर्मियों ने मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिला प्रशासन ने विश्वास जताया है कि कांवड़ यात्रा के शेष दिनों में भी सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य करते रहेंगे, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके।
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