हरिद्वार के गंगा घाट पर कांवड़ यात्रा के दौरान डूब रहे शिवभक्त का सफल रेस्क्यू करती उत्तराखंड जल पुलिस।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार में उत्तराखंड पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। जोधपुर भवन के सामने गंगाजी में जल भरने के दौरान अचानक एक 19 वर्षीय शिवभक्त गहरे पानी में डूबने लगा। मौके पर मौजूद जल पुलिस के जवान ने बिना एक पल गंवाए गंगा में छलांग लगाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते की गई इस बहादुरी भरी कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और शिवभक्त की जान बच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के करनाल सेक्टर-4 निवासी राजू पुत्र श्री शिशपाल (19 वर्ष) कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचे थे। गुरुवार को वह जोधपुर भवन के सामने गंगा घाट पर पवित्र गंगाजल भर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव की ओर चले गए। देखते ही देखते युवक गहरे पानी में डूबने लगा, जिससे घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के समय जल पुलिस की टीम निर्धारित स्थान पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात थी। ड्यूटी पर मौजूद जवान सनी कुमार ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझा और बिना किसी देरी के गंगा में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उन्होंने युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और सहयोगियों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया।
सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद युवक की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच कराई गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव हो जाने के कारण उसकी स्थिति सामान्य रही। घटना के बाद युवक और उसके परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जल पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो बड़ा हादसा हो सकता था। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु गंगाजल भरने के लिए घाटों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, गोताखोरों और आपदा राहत टीमों की विशेष तैनाती की है। इसके अलावा बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा रस्सियां और लगातार निगरानी की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि कांवड़ मेला केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहायता और आपातकालीन बचाव कार्य भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल हैं। इसी उद्देश्य से जल पुलिस की विशेष टीमें गंगा घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों से ही गंगाजल भरें, सुरक्षा बैरिकेडिंग के बाहर न जाएं तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने से अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। जल पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के साथ-साथ श्रद्धालुओं का सहयोग भी सुरक्षित यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि उत्तराखंड पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए भी पूरी तत्परता और समर्पण के साथ कार्य करती है। जल पुलिस के जवान सनी कुमार की बहादुरी और त्वरित निर्णय ने एक परिवार को बड़ी पीड़ा से बचा लिया तथा कांवड़ मेले में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत किया।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा घाटों पर सावधानी बरतें, प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस या जल पुलिस की सहायता लें। उत्तराखंड पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और हर परिस्थिति में राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहेंगे।
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