बाबा रामदेव की कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े आंदोलन पर पहले सामने आई प्रतिक्रिया चर्चा में रही।
रिपोर्टर (अमन खान)
नई दिल्ली/हरिद्वार।स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव के नाम से ‘सुधर जाओ, नहीं तो आंदोलन करूंगा’ वाला बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सुर्खियों में है। इस चर्चा को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस विशेष 15 अगस्त वाले बयान की स्वतंत्र स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिल सकी है। इसलिए इस खबर में पुष्टि किए गए घटनाक्रम और चर्चा में चल रहे दावे को अलग-अलग रखना जरूरी है।
कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP वर्ष 2026 में युवाओं और बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था तथा कथित पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा में आई। संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था। शुरुआत में सोशल मीडिया से सामने आया यह अभियान बाद में सड़क पर हुए विरोध-प्रदर्शन में बदल गया। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगें उठाई गईं।
इस आंदोलन को लेकर बाबा रामदेव भी पहले अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। 29 जुलाई 2026 को हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने CJP आंदोलन की आलोचना की थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार रामदेव ने कहा था कि देश सड़कों पर नहीं चलेगा और उन्होंने आंदोलन के दौरान उठाए गए कुछ नारों पर भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने संविधान के तहत सभी समुदायों को समान अधिकार मिलने की बात कही थी।
रामदेव ने कहा, देश में चारों तरफ हंगामा है। छोटे-छोटे स्कूलों से बच्चे निकल रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारे यहां टीचर नहीं है, लाइट नहीं है, पानी नहीं है, शौचालय नहीं है। किताबें हैं तो टीचर हैं. टीचर हैं तो किताबें नहीं हैं। किताबे हैं तो पेपर लीक हो जाता है। 10वीं-12वीं के बोर्ड के एग्जाम कहीं जुड़ते नहीं हैं। प्रतिस्पर्धी परीक्षा के आधार पर ही ऐडमिशन होते हैं।भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवालजुलाई के अंतिम सप्ताह में केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत का दौर भी चला। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकार की ओर से संगठन की कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद CJP ने जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों से वापस घर लौटने की अपील भी की गई।
इस पूरे घटनाक्रम में बाबा रामदेव की भूमिका एक अलग सार्वजनिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आई। उन्होंने युवाओं के आंदोलन और उसके तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं के समाधान और देश की व्यवस्था में संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उनकी यह टिप्पणी उस समय सामने आई थी जब CJP का आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ था।
रामदेव ने कहा, सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत घोटाला होता है।अपने लोगों, विचार, अपने संस्कार, संगठन, जाति, वर्ग के लोगों को ले लेते हैं और बाकी को धक्का मार देते हैं। एक तरफ हम कहते हैं कि सत्यमेव जयते और जब भर्ती की बारी आती है पहले ही तय हो जाता है। करोड़ों में रुपये लेते हैं।‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम भी इस आंदोलन की एक खास पहचान बन गया। संगठन का अभियान शुरुआत में सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक शैली में सामने आया था, लेकिन बाद में बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के कारण इसे व्यापक चर्चा मिली। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों ने इसे युवाओं के एक डिजिटल आंदोलन के रूप में रिपोर्ट किया है।
बाबा रामदेव की पहले की टिप्पणी को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा सकता है। उन्होंने आंदोलन की आलोचना करते हुए यह सवाल उठाया था कि देश की समस्याओं का समाधान सड़क पर उतरकर करने के बजाय संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद CJP आंदोलन और रामदेव की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हुई थी। हालांकि, स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को रामदेव द्वारा दिए गए ‘सुधर जाओ नहीं तो आंदोलन करूंगा’ कथन को लेकर फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में स्पष्ट और स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इस कथन को सीधे तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय इसे सोशल मीडिया अथवा उपलब्ध दावे के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
रामदेव ने कहा, ऐसे ही आंदोलन करना पड़ा तो देश कैसे चलेगा। इसीलिए सुधर जाओ नहीं तो देश में आंदोलन और ज्यादा भी हो सकते हैं। आंदोलन के नाम पर में अराजकता का समर्थन नहीं करता। लेकिन देश में घपलाबाजी बहुत है। कहीं ऐसा ना हो की बाबा रामदेव को दोबारा आंदोलन करना पड़े।फिलहाल इतना स्पष्ट है कि CJP आंदोलन 2026 में युवाओं से जुड़े मुद्दों के कारण राष्ट्रीय चर्चा में रहा और बाबा रामदेव ने भी इसके तौर-तरीकों पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी थी। जुलाई में उनके बयान के बाद यह मुद्दा हरिद्वार सहित राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामने आए नए दावे की पुष्टि यदि संबंधित कार्यक्रम का वीडियो, रामदेव का आधिकारिक बयान या विश्वसनीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद होती है, तो खबर को उसी आधार पर अपडेट किया जा सकता है। इससे पाठकों को सही संदर्भ और प्रमाणित जानकारी मिल सकेगी।
यह भी पढ़ें–कांवड़ मेला 2026 सफल होने पर पुलिसकर्मियों का सम्मान 3 दिन के पारितोषिक अवकाश का ऐलान…
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटउत्तराखंड पुलिसर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 9536109323 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।
