जन्माष्टमी पर्व के दृष्टिगत हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार। जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए हरिद्वार जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिले में ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म समेत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 13 नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य पर्व के दौरान बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित पहलुओं की जांच की गई।
विभागीय कार्रवाई के दौरान ब्लिंकिट स्टोर सहित ब्रेड और टोफू निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा दो मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में जिलेभर में यह अभियान चलाया गया। पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों की स्थिति की जांच की।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म के साथ-साथ विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच की। पर्व के दौरान मिठाई, दूध से बने उत्पाद, ब्रेड, टोफू और अन्य खाद्य सामग्री की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ सकती है। ऐसे में विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर नमूने लेना उपभोक्ता सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 13 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य नमूनों की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि संबंधित खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। जांच के परिणाम आने के बाद विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पर्व के दौरान इस तरह के निरीक्षण अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर निगरानी रखना विभाग की जिम्मेदारी होती है।
ब्लिंकिट स्टोर सहित कई प्रतिष्ठानों को नोटिस
निरीक्षण अभियान के दौरान ब्लिंकिट स्टोर सहित ब्रेड और टोफू निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों से खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े मामलों में आवश्यक स्पष्टीकरण और अनुपालन की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की है। नोटिस जारी किया जाना विभागीय जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि पर्व के दौरान केवल पारंपरिक बाजारों ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म और प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखी जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस अभियान में ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म को भी शामिल किया। वर्तमान समय में बड़ी संख्या में लोग घर बैठे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाद्य सामग्री मंगाते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण का दायरा केवल दुकानों और बाजारों तक सीमित नहीं रह गया है। ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी भी उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभागीय टीमों ने ऑनलाइन ई-प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान सामने आए मामलों में से दो मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं। विभाग द्वारा संबंधित मामलों में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। न्यायालय में वाद दायर होने के बाद संबंधित मामलों का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा। विभागीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों में कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। जन्माष्टमी सहित अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग व्रत और पर्व से जुड़े खाद्य उत्पादों की खरीदारी करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।
त्योहारों के दौरान दूध से बने उत्पाद, ब्रेड, टोफू और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री भी बढ़ सकती है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाते हैं। विभागीय टीमों द्वारा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और नमूने लेने से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच में मदद मिलती है। यदि किसी खाद्य उत्पाद के संबंध में जांच के दौरान मानकों से जुड़ी कमी सामने आती है, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए समय-समय पर बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग के साथ लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी के अनुसार, अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की जांच की।
त्योहारों से पहले जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
जन्माष्टमी पर्व को लेकर शुरू किया गया यह अभियान जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का हिस्सा है। विभाग द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 13 नमूने परीक्षण के लिए लिए गए। ब्लिंकिट स्टोर सहित ब्रेड और टोफू निर्माता कंपनियों को नोटिस दिए जाने के साथ ही दो मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
पर्व के दौरान बाजार में खाद्य सामग्री की बढ़ती मांग को देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए भी जागरूक रहना जरूरी है। खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेजिंग, निर्माण एवं उपयोग की तिथि तथा उत्पाद से जुड़ी आवश्यक जानकारी की जांच करना उपयोगी हो सकता है। हरिद्वार में जन्माष्टमी से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासनिक निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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