जीआरपी पुलिस कार्यालय में कांस्टेबल सोनू कुमार के ऐच्छिक सेवानिवृत्ति समारोह के दौरान उन्हें शुभकामनाएं देते पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी।
रिपोर्टर (नसरा परवीन)
हरिद्वार । वर्षों तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्ति का समय किसी भी कर्मचारी के लिए भावुक क्षण होता है। वर्दी में रहते हुए निभाई गई जिम्मेदारियों, साथियों के साथ बिताए समय और सेवा के अनुभवों की यादें इस अवसर को और खास बना देती हैं। ऐसा ही भावुक माहौल जीआरपी पुलिस कार्यालय के सभागार में देखने को मिला, जहां कांस्टेबल सोनू कुमार को उनके ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के अवसर पर जीआरपी पुलिस परिवार की ओर से सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
विदाई कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कांस्टेबल सोनू कुमार के लंबे सेवाकाल को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और आत्मीयता व्यक्त की। पुलिस परिवार की ओर से उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में सेवा के दौरान उनके साथ रहे पुलिसकर्मियों ने अपने अनुभव और भावनाएं साझा कीं।
पुलिस विभाग में सेवा करना अनुशासन, जिम्मेदारी और निरंतर कर्तव्य निर्वहन से जुड़ा होता है। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्ति का अवसर केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि सेवाकाल की यादों को साझा करने का भी अवसर होता है।कांस्टेबल सोनू कुमार के ऐच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में भी यही भाव देखने को मिला। जीआरपी पुलिस परिवार ने उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी और उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
विदाई समारोह में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विभाग में सेवा का कार्य एक जिम्मेदारी के साथ-साथ समाज और लोगों के प्रति कर्तव्य से भी जुड़ा है। वर्षों तक इस जिम्मेदारी को निभाने वाले पुलिसकर्मी के लिए सेवानिवृत्ति एक नए चरण की शुरुआत होती है। का0 सोनू कुमार ने वर्ष 2007 में उत्तराखण्ड पुलिस में कांस्टेबल के रूप में अपनी सेवा प्रारम्भ की। अपने 18 वर्ष,09 माह, 15 दिवस के गौरवपूर्ण सेवाकाल के दौरान उन्होंने जनपद टिहरी गढ़वाल, देहरादून एवं जीआरपी में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। शांत स्वभाव, सरल व्यक्तित्व, अनुशासित कार्यशैली एवं जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच सदैव सम्मान दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कांस्टेबल सोनू कुमार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन पुलिस परिवार से जुड़ाव समाप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि विभाग में बिताया गया समय और साथियों के बीच बने संबंध जीवनभर याद रहते हैं।
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल सरकारी सेवा का अंत है, लेकिन पुलिस परिवार से जुड़ाव कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल सोनू कुमार ने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनका अनुभव, व्यवहार और कार्यशैली आने वाली पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन पुलिस परिवार को मिलता रहेगा।
जीआरपी पुलिस कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांस्टेबल सोनू कुमार को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जीवन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनके सेवाकाल से जुड़े अनुभवों को भी याद किया गया। साथियों ने उनके साथ बिताए समय का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस सेवा के दौरान सहकर्मियों के बीच बनने वाला आपसी सहयोग और विश्वास लंबे समय तक बना रहता है।
राजकीय रेलवे पुलिस यानी जीआरपी का कार्य रेलवे क्षेत्र से जुड़ी कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रेलवे स्टेशनों और रेल यात्रियों से जुड़े मामलों में पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। इस व्यवस्था में तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी से अनुशासन, सतर्कता और जिम्मेदारी की अपेक्षा रहती है। ऐसे विभाग में लंबे समय तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्ति हासिल करना सेवाकाल के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाता है। कांस्टेबल सोनू कुमार की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी पुलिस परिवार ने इसी भावना के साथ उन्हें विदाई दी।
सहकर्मियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
विदाई कार्यक्रम के दौरान पुलिस परिवार के सदस्यों ने कांस्टेबल सोनू कुमार के आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा तथा वह अपने परिवार के साथ बेहतर समय व्यतीत करेंगे। कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि पुलिस विभाग से जुड़ा रिश्ता केवल नौकरी की अवधि तक सीमित नहीं रहता। वर्षों तक साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों के बीच आपसी संबंध और यादें सेवा समाप्त होने के बाद भी बनी रहती हैं।
उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल के दौरान मिले सहयोग, विश्वास और स्नेह के लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका आत्मीय संबंध पुलिस परिवार से सदैव बना रहेगा। कांस्टेबल सोनू कुमार की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके लिए सम्मानजनक और यादगार विदाई का अवसर रहा। जीआरपी पुलिस परिवार ने आत्मीयता के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके भविष्य के लिए मंगलकामना की।
समारोह के दौरान साथियों ने उनके साथ बिताए वर्षों की अनेक यादें साझा कीं। वातावरण भावनाओं, सम्मान और आत्मीयता से भर गया तथा सभी ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं खुशहाल भविष्य की मंगलकामनाएं कीं। इस अवसर पर श्रीमान अनुज,पुलिस उपाधीक्षक रेलवेज उत्तराखंड हरिद्वार सहित जीआरपी के समस्त , शाखा प्रभारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें–हरिद्वार में पीएम राहत योजना का प्रचार तेज सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार…
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटउत्तराखंड पुलिसर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 9536109323 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।
