हरिद्वार में पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित जागरूकता अभियान के दौरान चिकित्सकों को योजना की जानकारी देते अधिकारी।
रिपोर्टर (नसरा परवीन)
हरिद्वार । जनपद हरिद्वार में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संबंधित विभागों की ओर से चिकित्सकों और आमजन को योजना के प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में एआरटीओ नरेश झा एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने चिकित्सकों को पीएम राहत योजना के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें योजना के प्रति संवेदनशील और जागरूक किया। इस दौरान iRAD से श्री नरेश मिश्रा ने योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी और इसके प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.50 लाख तक के कैशलेस उपचार का प्रावधान बताया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन सहायता के लिए ERSS-112 की सुविधा, सभी सड़कों पर योजना के कवरेज और जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
जागरूकता अभियान के दौरान चिकित्सकों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना के मामलों में योजना से जुड़े प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि पात्र पीड़ितों को उपचार के दौरान निर्धारित सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की और चिकित्सकों से इसके प्रति आवश्यक जागरूकता बनाए रखने का आग्रह किया।
इस दौरान iRAD की ओर से पहुंचे श्री नरेश मिश्रा ने योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना से प्रभावित पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। एम राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान में इस सुविधा को प्रमुखता से बताया गया, ताकि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पात्र लोगों को उपचार से संबंधित सरकारी व्यवस्था की जानकारी मिल सके। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में सहायता के लिए ERSS-112 का उपयोग किया जा सकता है। आपातकालीन सहायता की यह जानकारी आमजन तक पहुंचाना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सीएमओ कार्यालय और सीएससी केंद्रों पर लगाए गए फ्लेक्स
पीएम राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिले में जागरूकता सामग्री भी लगाई जा रही है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के साथ-साथ जनपद के सभी सीएससी केंद्रों पर योजना से संबंधित फ्लेक्स लगाए गए हैं। इन फ्लेक्स के माध्यम से आमजन को योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित और उसके परिजन योजना के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सुविधा का लाभ लेने की प्रक्रिया से परिचित हों।
सीएससी केंद्रों पर सूचना सामग्री लगाए जाने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी योजना से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे जागरूकता अभियान को जनपद स्तर पर व्यापक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। सड़क दुर्घटना अचानक होने वाली आपात स्थिति होती है। ऐसे समय में पीड़ित और उसके परिवार के सामने उपचार की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य संबंधित लोगों को उपलब्ध सरकारी सहायता और आपातकालीन सेवाओं के बारे में पहले से जानकारी देना है।
योजना से संबंधित जानकारी चिकित्सकों तक पहुंचाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर सूचना सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे दुर्घटना के बाद उपचार की आवश्यकता वाले पात्र लोगों को योजना के प्रावधानों की जानकारी मिलने की संभावना बढ़ेगी। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान योजना के अंतर्गत जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना से जुड़े किसी मामले में समस्या आने पर निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से पीएम राहत योजना के प्रमुख प्रावधानों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में पात्र पीड़ितों को उपलब्ध उपचार और सहायता संबंधी जानकारी समय पर मिल सके।
हरिद्वार में चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान के तहत कैशलेस उपचार, ERSS-112 आपातकालीन सहायता, योजना के कवरेज और शिकायत निवारण व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को प्रमुखता से साझा किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय और सीएससी केंद्रों पर लगाए गए सूचना फ्लेक्स भी इसी अभियान का हिस्सा हैं। प्रशासन के अनुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटना से प्रभावित पात्र लोगों और उनके परिजनों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी समयबद्ध तरीके से मिल सके।
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