APK फाइल डाउनलोड करने के बाद खाते से निकली 99 हजार रुपये की रकम हरिद्वार साइबर सेल ने वापस कराई।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार साइबर सेल की तत्परता से एक व्यक्ति के खाते से निकली 99 हजार रुपये की पूरी रकम वापस करा दी गई। भीमगौड़ा निवासी व्यक्ति ने मोबाइल फोन में एक APK फाइल डाउनलोड की थी। इसके बाद फोन में अपडेट का विकल्प दिखाई दिया और इसी दौरान उसके बैंक खाते से 99,000 रुपये कट गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने बिना देरी किए संबंधित बैंक, नजदीकी थाने और साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद हरिद्वार साइबर सेल सक्रिय हुई और संबंधित रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई की गई। इसके बाद आवश्यक पत्राचार के माध्यम से पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने हरिद्वार पुलिस और साइबर सेल का आभार जताया। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया कि साइबर ठगी की जानकारी समय पर संबंधित विभागों को देने से रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है। लिस के अनुसार, भीमगौड़ा निवासी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में एक APK फाइल डाउनलोड की थी। APK सामान्य तौर पर एंड्रॉयड एप्लिकेशन की इंस्टॉलेशन फाइल होती है, लेकिन अनजान या संदिग्ध स्रोत से ऐसी फाइल डाउनलोड करना जोखिम पैदा कर सकता है।
पीड़ित के अनुसार, APK फाइल डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन में अपडेट का विकल्प दिखाई दिया। इसी दौरान उसके बैंक खाते से 99,000 रुपये की राशि कट गई। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल बैंक के साथ-साथ पुलिस तथा साइबर हेल्पलाइन को इसकी जानकारी दी। समय पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक शिकायत प्राप्त होते ही साइबर सेल हरिद्वार ने मामले में कार्रवाई शुरू की। साइबर ठगी की घटनाओं में शुरुआती समय महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि रकम के ट्रांजैक्शन को समय रहते रोके जाने की स्थिति में पीड़ित को धनराशि वापस मिलने की संभावना रहती है। इस मामले में साइबर सेल ने संबंधित वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाते हुए रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई की। पुलिस की ओर से संबंधित बैंकिंग संस्थानों के साथ आवश्यक पत्राचार किया गया।
साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के बाद 99 हजार रुपये की पूरी रकम वापस कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अंततः रकम पीड़ित के बैंक खाते में वापस पहुंच गई। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, पीड़ित के खाते से निकली 99,000 रुपये की पूरी धनराशि वापस करा दी गई है। साइबर सेल की कार्रवाई के बाद पीड़ित को आर्थिक नुकसान से राहत मिली।
साइबर ठगी के मामलों में कई बार शिकायत मिलने के बाद पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के समन्वय से संदिग्ध लेनदेन पर रोक लगाने का प्रयास किया जाता है। इस मामले में भी शिकायत के बाद रकम को होल्ड कराया गया और आवश्यक पत्राचार के माध्यम से धनराशि वापस कराई गई। पूरी रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस की कार्यप्रणाली और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। इस घटना में पीड़ित द्वारा रकम कटने की जानकारी मिलते ही संबंधित बैंक, पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को शिकायत करना महत्वपूर्ण कदम रहा। साइबर अपराध के मामलों में देरी होने पर धनराशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी की प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है।
इसलिए बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलने की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित बैंक को सूचित करना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। हरिद्वार साइबर सेल की इस कार्रवाई में भी शिकायत मिलने के बाद जल्द कदम उठाया गया और संबंधित रकम को होल्ड कराया गया। इसके बाद पत्राचार के जरिए रकम वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
अनजान APK फाइल से सावधान रहने की जरूरत
इस घटना के बाद मोबाइल यूजर्स के लिए अनजान स्रोत से APK फाइल डाउनलोड करने को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। किसी व्यक्ति को यदि मोबाइल पर कोई संदिग्ध लिंक, फाइल या एप्लिकेशन डाउनलोड करने का संदेश मिलता है तो बिना उसकी विश्वसनीयता जांचे उसे खोलने या इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बैंकिंग, केवाईसी, मोबाइल अपडेट, रिफंड, इनाम या किसी अन्य बहाने से भेजे गए संदिग्ध लिंक और फाइलों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
किसी अनजान एप्लिकेशन को अनुमति देने से पहले यह देखना चाहिए कि वह किस स्रोत से आया है और वह किस प्रकार की परमिशन मांग रहा है। मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर बैंकिंग सेवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित को घबराने के बजाय तुरंत संबंधित बैंक और पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। खाते से रकम निकलने के बाद समय पर शिकायत करने से ट्रांजैक्शन को रोकने या रकम को होल्ड कराने की संभावना बन सकती है।
इस मामले में भी पीड़ित ने रकम कटने के बाद बैंक, नजदीकी थाने और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद साइबर सेल ने मामले को आगे बढ़ाया। हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई इस बात की ओर भी ध्यान दिलाती है कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ित की ओर से तत्काल सूचना देना महत्वपूर्ण है। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, संबंधित एजेंसियों को उतनी ही जल्दी आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का अवसर मिलेगा।
मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। OTP, PIN, पासवर्ड, कार्ड संबंधी जानकारी और बैंकिंग लॉगिन जैसी जानकारी को गोपनीय रखना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी जानकारी मांगता है तो उसकी विश्वसनीयता की जांच किए बिना जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
इसी तरह किसी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना भी जरूरी है। भीमगौड़ा निवासी व्यक्ति के मामले में साइबर सेल की कार्रवाई से पीड़ित को आर्थिक राहत मिली है। खाते से निकली 99 हजार रुपये की पूरी राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया।
साइबर सेल ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित रकम को होल्ड कराया और आवश्यक पत्राचार के जरिए धनराशि वापस कराई। इस पूरी प्रक्रिया में बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर चुप रहने के बजाय तत्काल शिकायत करना जरूरी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को मोबाइल फोन पर आने वाले संदिग्ध लिंक, फाइल और एप्लिकेशन से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करनी चाहिए। यदि खाते से बिना अनुमति कोई रकम कट जाती है तो तत्काल बैंक को सूचित करने के साथ पुलिस या संबंधित साइबर शिकायत माध्यम पर जानकारी देनी चाहिए। हरिद्वार में सामने आए इस मामले में 99 हजार रुपये की पूरी धनराशि वापस करा दी गई है। साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई और पीड़ित की ओर से समय पर शिकायत किए जाने से रकम की रिकवरी संभव हो सकी।
फिलहाल पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल चुकी है और उसने हरिद्वार पुलिस का आभार जताया है। घटना लोगों के लिए यह भी एक महत्वपूर्ण सबक है कि मोबाइल में किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें और साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी शिकायत करें।
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