कांवड़ मेले के दौरान हुई चेन झपटने की घटना में हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार । कांवड़ मेले के दौरान ज्वालापुर क्षेत्र में हुई चेन झपटने की घटना का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर बेगमपुर बहादराबाद क्षेत्र में झाड़ियों से पीली धातु की एक चेन बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 3 अगस्त 2026 को सैनी आश्रम के पास हुई चेन झपटने की घटना से जुड़ा है। कांवड़ मेले के दौरान क्षेत्र में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ के बीच मोटरसाइकिल सवार आरोपियों ने एक व्यक्ति के भाई के गले से चेन झपट ली थी। शिकायत मिलने के बाद ज्वालापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, नन्दपुरी कॉलोनी, आर्यनगर ज्वालापुर निवासी अश्वनी खुराना पुत्र भगवान दास ने कोतवाली ज्वालापुर में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि 3 अगस्त 2026 को सैनी आश्रम के पास अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उनके भाई के गले से झपट्टा मारकर चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए।
घटना कांवड़ मेले के दौरान हुई थी, जब हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही चल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। शिकायत के आधार पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा अपराध संख्या 582/2026 दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए।
\कांवड़ मेले के दौरान हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह ने पुलिस टीम को मामले का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। साथ ही मामले में इलेक्ट्रॉनिक डाटा से संबंधित सहायता के लिए सीआईयू हरिद्वार को भी जिम्मेदारी दी गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने डिजिटल जानकारी के साथ-साथ मैनुअल पुलिसिंग का सहारा लिया। संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाने, पूछताछ करने और क्षेत्र में लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
बेगमपुर बहादराबाद क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, लगातार जांच और सुरागरसी के बाद 21 और 22 अगस्त की रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दो संदिग्धों को बेगमपुर, बहादराबाद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शिवम गुप्ता पुत्र राकेश कुमार गुप्ता, निवासी संकटा देवी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश और राहुल पुत्र लाल विहारी, निवासी गोला गोकरण नाथ, थाना गोला, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर बेगमपुर के रास्ते में झाड़ियों से पीली धातु की एक चेन बरामद की गई।
बरामदगी के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। bइस मामले की जांच में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक डाटा के साथ पारंपरिक पुलिसिंग का भी इस्तेमाल किया। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण घटना की जांच पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण थी।
पुलिस के अनुसार, टीम ने उपलब्ध डाटा का विश्लेषण करने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और पूछताछ की। लगातार की गई जांच के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में होने वाली आपराधिक घटनाओं की जांच में तकनीकी संसाधनों के साथ मौके पर की जाने वाली पुलिसिंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी शिवम गुप्ता के संबंध में आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ चोरी, लूट और अन्य मामलों से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में उसके खिलाफ वर्ष 2023, 2024 और 2025 के विभिन्न मुकदमों का उल्लेख है। इनमें भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 394 और 411 के साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं, आर्म्स एक्ट और उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामला भी शामिल बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिवम गुप्ता के खिलाफ उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जांच का हिस्सा है। दूसरे आरोपी राहुल के संबंध में भी पुलिस द्वारा पूर्व में दर्ज चोरी से संबंधित मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमों का होना अपने आप में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में पीली धातु की एक चेन बरामद हुई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद वस्तु का संबंध दर्ज मामले से किस प्रकार है और घटना में आरोपियों की क्या भूमिका रही। जांच के दौरान पुलिस अन्य संभावित घटनाओं और आरोपियों के आपराधिक संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। चेन झपटने के मामले के खुलासे में कोतवाली ज्वालापुर और सीआईयू हरिद्वार की टीम शामिल रही।
कोतवाली ज्वालापुर टीम: प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी, उप निरीक्षक समीप पाण्डेय, उप निरीक्षक गगन मैठाणी, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल नवीन छेत्री, कांस्टेबल सुनील शर्मा, कांस्टेबल नरेन्द्र राणा और कांस्टेबल रविन्द्र चौहान। सीआईयू हरिद्वार टीम: निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल हरवीर, कांस्टेबल दीप गौड़ और कांस्टेबल वसीम। पुलिस के अनुसार, टीम ने तकनीकी जानकारी, क्षेत्रीय निगरानी और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चोरी, सामान गुम होने और चेन झपटने जैसी घटनाओं की रोकथाम पुलिस के लिए महत्वपूर्ण रहती है।
ज्वालापुर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने जांच को प्राथमिकता देते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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