हरिद्वार में परिवहन विभाग की टीम ने लक्जरी और स्लीपर बसों की विशेष जांच की।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार। यात्रियों की सुरक्षा और सड़क परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से हरिद्वार में लक्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष चेकिंग अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को जनपद के विभिन्न मार्गों और प्रमुख स्थानों पर यात्री बसों की जांच की गई। इस दौरान नियमों की जांच करते हुए कुल 22 बसों के चालान किए गए, जबकि निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं 5 बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए।
अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने किया। तकनीकी जांच की जिम्मेदारी संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने संभाली। अधिकारियों की टीम ने लक्जरी, स्लीपर और अन्य यात्री बसों की अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की। जांच में कई बसों में अनधिकृत परिवर्तन, परमिट शर्तों का उल्लंघन, निर्धारित प्रयोजन के विपरीत संचालन, यात्री सूची उपलब्ध न होना, सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अग्निशमन यंत्र एवं प्राथमिक उपचार पेटिका की अनुपलब्धता, रिफ्लेक्टर संबंधी कमी, प्रेशर हॉर्न तथा चालक-परिचालक के निर्धारित वर्दी में न होने जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
अभियान के दौरान तकनीकी जांच में पांच बसें निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके बाद विभाग की ओर से इन बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए। संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन ने बसों की तकनीकी स्थिति और फिटनेस से जुड़े मानकों की जांच की। फिटनेस जांच के दौरान वाहन की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और निर्धारित मानकों को ध्यान में रखा गया।
फिटनेस प्रमाणपत्र किसी वाहन के सुरक्षित संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। ऐसे में मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य संभावित जोखिम को कम करना है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग की विभिन्न प्रवर्तन टीमों द्वारा अन्य श्रेणी के वाहनों की भी जांच की गई। दिनभर की समस्त प्रवर्तन कार्रवाई में कुल 164 वाहनों के चालान किए गए तथा गंभीर उल्लंघनों में 7 वाहनों को सीज किया गया।
विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कुल 22 बसों के चालान किए गए। परिवहन विभाग की टीम ने बसों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों और नियमों का सत्यापन किया।अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जिन वाहनों में नियमों से संबंधित कमियां पाई गईं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। विभाग की ओर से बस संचालकों को यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन हों और वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए। बसों की नियमित जांच से परिवहन नियमों के पालन को बढ़ावा देने के साथ यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा का वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।
परमिट और फिटनेस दस्तावेजों की जांच
अभियान के दौरान केवल वाहन की बाहरी स्थिति ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने बसों के परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया। इसके अलावा वाहन कर की स्थिति और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सड़क पर चल रही यात्री बसें निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा कर रही हों।
यात्री बसों के मामले में परमिट और फिटनेस जैसे दस्तावेजों का महत्व अधिक होता है, क्योंकि इनके माध्यम से वाहन के संचालन और उसकी तकनीकी उपयुक्तता से संबंधित आवश्यकताओं का सत्यापन किया जाता है। अभियान में परिवहन कर अधिकारी श्रीमती वरुणा सैनी, श्री मुकेश भारती, श्री भारत भूषण, श्री हरीश कुमार सती, श्री रविन्द्र पाल सैनी तथा विभाग की अन्य प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं कार्रवाई की गई।
यह विशेष चेकिंग अभियान जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है। अभियान के संचालन की जिम्मेदारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम को दी गई है। जनपद में विभिन्न मार्गों और प्रमुख स्थानों पर यात्री बसों की जांच की जा रही है। अभियान में लक्जरी और स्लीपर बसों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से यात्रियों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में यात्री वाहनों की सुरक्षित संचालन व्यवस्था प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
लक्जरी और स्लीपर बसों में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी रहती है। ऐसे वाहनों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच से यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। परिवहन विभाग की कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर संचालित होने वाले यात्री वाहन निर्धारित नियमों का पालन करें। यदि किसी वाहन में तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कमी सामने आती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। इस अभियान में भी अधिकारियों ने दस्तावेजों के साथ-साथ वाहन की तकनीकी स्थिति पर ध्यान दिया।
चेकिंग अभियान के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की। कुल 22 बसों के चालान किए गए और पांच बसों की फिटनेस निरस्त की गई। परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर इस तरह के अभियान चलाए जाते हैं, ताकि वाहन संचालकों को निर्धारित नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही सड़क पर संभावित सुरक्षा जोखिम को कम करना भी इन अभियानों का उद्देश्य रहता है।
अधिकारियों का कहना है कि यात्री वाहन संचालकों को अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों को समय पर अपडेट रखना चाहिए। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती नेहा झा ने बस संचालकों को निर्देशित किया कि वाहनों का संचालन केवल वैध प्रपत्रों, स्वीकृत संरचना, निर्धारित यात्री क्षमता एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए। यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने, वाहन में अनधिकृत परिवर्तन करने अथवा परमिट एवं फिटनेस शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बस संचालकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद बस संचालकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने वाहनों के सभी दस्तावेजों की वैधता की जांच करते रहें। फिटनेस, परमिट, कर और चालक के लाइसेंस समेत अन्य आवश्यक कागजात पूरे रखना वाहन संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही बसों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच भी आवश्यक है। किसी भी तकनीकी कमी को समय रहते दूर करने से यात्रियों की सुरक्षा बेहतर की जा सकती है।
हरिद्वार में चल रहा विशेष अभियान इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। प्रशासन और परिवहन विभाग का जोर ऐसे यात्री वाहनों के संचालन पर है, जो निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करते हों। परिवहन विभाग द्वारा लक्जरी एवं स्लीपर बसों सहित सभी प्रकार के यात्री एवं व्यावसायिक वाहनों के विरुद्ध यह चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
फिलहाल विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 22 बसों के चालान और 5 बसों की फिटनेस निरस्त किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। विभाग की ओर से आगे भी यात्री वाहनों की जांच और नियमों के अनुपालन पर निगरानी बनाए रखने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।
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