कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है।
रिपोर्टर (नसरा परवीन)
हरिद्वार । कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में मेला प्रशासन ने विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। कुंभ क्षेत्र में संचालित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मेला प्रशासन ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, सीसीटीवी निगरानी और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों की नियमित रूप से मौके पर जाकर जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा से जुड़े बिंदुओं को गंभीरता से देखा जाएगा। अधिकारियों की टीम द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल मेला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेले के लिए स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाने हैं। इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाएं पूरी क्षमता के साथ कार्य करें तथा बड़ी योजनाओं में आवश्यकतानुसार दिन-रात कार्य कर उन्हें तय समय के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यों में समयबद्धता के साथ गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच नियमित रूप से कराई जाए और जांच में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर उसे तत्काल दूर कराया जाए। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर नियमानुसार तुरंत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कुंभ मेला जैसे बड़े आयोजन की तैयारियों में समयबद्धता के साथ निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेला प्रशासन की ओर से इसी उद्देश्य से कार्यों की प्रगति के साथ उनकी गुणवत्ता की निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान केवल कार्य पूरा होने की स्थिति को ही न देखा जाए, बल्कि कार्य की गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाए। इससे समयसीमा में पूरा किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर भी निगरानी बनी रहेगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्थलीय निरीक्षण के दौरान कार्यों के स्वीकृत डीपीआर के अनुरूप होने का भी परीक्षण किया जाए। इसके साथ ही थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट में सामने आई कमियों के संबंध में की गई सुधारात्मक कार्रवाई का मौके पर सत्यापन कराया जाए। आवश्यकता के अनुसार कार्यदायी संस्था से इतर अन्य विभागों के अभियंताओं का तकनीकी सहयोग लेकर कार्यों की गुणवत्ता का स्वतंत्र परीक्षण भी कराया जाए।
सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने के निर्देश
कुंभ क्षेत्र में चल रहे कार्यों की निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निगरानी व्यवस्था का उपयोग नियमित रूप से किया जाए और आवश्यकता के अनुसार संबंधित गतिविधियों पर नजर रखी जाए। सीसीटीवी निगरानी से मेला क्षेत्र में चल रहे कार्यों और संबंधित गतिविधियों की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थलीय निरीक्षण से प्राप्त जानकारी को भी रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
मेला प्रशासन की कोशिश है कि निगरानी के विभिन्न माध्यमों के जरिए कुंभ क्षेत्र में चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर उपलब्ध हो। इससे अधिकारियों को कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने में सुविधा होगी। रिपोर्ट में कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता से जुड़े बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई जाती है या गुणवत्ता से जुड़ा कोई विषय सामने आता है, तो उसकी जानकारी भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
कुंभ तैयारियों की नियमित समीक्षा पर जोर
कुंभ मेला-2027 के लिए हरिद्वार में विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए मेला प्रशासन की ओर से नियमित समीक्षा और निगरानी को महत्वपूर्ण बनाया गया है। मेला क्षेत्र में नियुक्त अधिकारियों की टीम को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कार्यों की जमीनी स्थिति की जानकारी अधिकारियों को मिलती रहेगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर प्रगति रिपोर्ट तैयार कर मेला नियंत्रण कक्ष को भेजी जाएगी।
मेलाधिकारी ने हरिद्वार नगर के आंतरिक क्षेत्रों में पार्किंग स्थलों के चिन्हीकरण के लिए अपर मेलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं सचिव एचआरडीए की समिति गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मेला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था में स्थलीय निरीक्षण, सीसीटीवी निगरानी और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। इन सभी माध्यमों के जरिए कुंभ क्षेत्र में संचालित कार्यों की स्थिति पर नजर रखने का प्रयास किया जाएगा।
कुंभ मेला-2027 के आयोजन को देखते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्यों को पूरा करना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेन्द्र कुमार, एचआरडीए के सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता टेक्निकल सेल मनोज भट्ट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव, अधिशासी अभियंता पीआईयू प्रवीण कुश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीप रामचंद्र सेठ, एसडीएम हरिद्वार योगेश मेहरा, एसडीएम भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम ऋषिकेश कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
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