सप्तऋषि आश्रम हरिद्वार में त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा
हरिद्वार। श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा (पंजाब) नई दिल्ली के संस्थापक एवं महान समाजसेवी त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त महाराज की 67वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई। सप्तऋषि आश्रम, भूपतवाला में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सनातन धर्म के अनुयायियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सप्तसरोवर क्षेत्र स्थित त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन, त्याग, तपस्या और समाज सेवा के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त महाराज त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए जीवनभर कार्य किया। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी ने शिक्षा के क्षेत्र में सैकड़ों शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर समाज को नई दिशा प्रदान की। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्र भारत में शिक्षा के विस्तार तक उनका योगदान अविस्मरणीय है।
श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा (पंजाब) नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. देशबंधु ने कहा कि गोस्वामी गणेश दत्त महाराज ने भारत विभाजन से पूर्व श्री सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा की स्थापना कर समाज और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने बताया कि गोस्वामी जी महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के मंत्रदीक्षित शिष्य थे और उन्होंने उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में अनेक शिक्षण संस्थाओं की स्थापना कर लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष इंद्र मोहन गोस्वामी ने कहा कि त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त महाराज का पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नंद किशोर शर्मा ने किया। इस अवसर पर महंत स्वरूप बिहारी शरण, उपेंद्र शर्मा, डी.आर. मदान, डॉ. भारती बंधु, एस.सी. शर्मा, राजीव मुदगिल, मीनाक्षी शर्मा, महेंद्र कालरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
