कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार में स्थापित स्वास्थ्य शिविर में शिवभक्तों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करते स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार आने वाले लाखों शिवभक्तों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में कांवड़ पटरी मार्ग सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थापित स्वास्थ्य शिविरों में श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे निशुल्क चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यात्रा के पांचवें दिन अकेले 13,876 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार किया गया, जबकि अब तक कुल 47,952 श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद में कुल 32 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री तथा अन्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अत्यधिक पैदल चलने, मौसम में बदलाव, थकान, निर्जलीकरण, चोट लगने, बुखार, कमजोरी अथवा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित श्रद्धालुओं का मौके पर ही निशुल्क उपचार किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्रों तक भी पहुंचाया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा में पहली बार चार मेडिकल मोबाइल यूनिट भी शामिल की गई हैं। ये मोबाइल यूनिट लगातार विभिन्न मार्गों पर भ्रमण कर रही हैं और जरूरतमंद श्रद्धालुओं तक मौके पर ही चिकित्सा सुविधा पहुंचा रही हैं। इससे दूरस्थ अथवा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अधिक प्रभावी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीमें चौबीसों घंटे पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। सभी स्वास्थ्य शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया गया है तथा ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार किट, स्ट्रेचर, जीवन रक्षक उपकरण और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को उपचार के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी चिकित्सा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों में साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा आपातकालीन सेवाओं की सतत निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की कमी उत्पन्न न हो। स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थापित शिविरों को इस प्रकार विकसित किया है कि श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी तुरंत उपलब्ध हो सके। कई शिविरों में विश्राम की व्यवस्था भी की गई है ताकि अधिक थकान महसूस करने वाले श्रद्धालु कुछ समय आराम कर सकें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने शिवभक्तों से अपील करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, समय-समय पर विश्राम करें, अत्यधिक धूप अथवा गर्मी से बचें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने श्रद्धालुओं से यह भी अनुरोध किया कि स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं।
उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस समय पर उपचार उपलब्ध कराने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य शिविरों, मोबाइल मेडिकल यूनिटों तथा एम्बुलेंस सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
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