कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान जीआरपी लक्सर ने रेलवे स्टेशन पर मिली बिछड़ी बालिका को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार/लक्सर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए लगातार सक्रिय रहने वाली सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक बार फिर अपनी तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी भीड़ के बीच जीआरपी थाना लक्सर की सतर्क पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पर रोती-बिलखती मिली एक 8 वर्षीय बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर कुछ ही समय में उसके परिजनों से मिलवा दिया। जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों और बालिका के परिजनों ने सराहना की।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और लक्सर रेलवे स्टेशन पर लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है। भीड़भाड़ के कारण कई बार छोटे बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। ऐसे मामलों में जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी क्रम में जीआरपी लक्सर ने मानवीय संवेदनशीलता और सतर्कता का परिचय देते हुए एक मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने का कार्य किया।
पुलिस के अनुसार, 03 अगस्त 2026 को जीआरपी थाना लक्सर की पुलिस टीम रेलवे स्टेशन पर नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर लगभग आठ वर्षीय एक बालिका अकेली रोती हुई दिखाई दी। बच्ची डरी-सहमी हुई थी और उसके साथ कोई अभिभावक मौजूद नहीं था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लिया और जीआरपी थाना लक्सर स्थित खोया-पाया केंद्र पहुंचाया, जहां महिला कांस्टेबल ममता की निगरानी में उसकी देखभाल की गई।
बालिका से शांतिपूर्वक बातचीत कर उसका नाम और पता जानने का प्रयास किया गया। पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपना नाम शदरा बताया। इसके बाद पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए संबंधित थाना, ग्राम प्रधान तथा अन्य माध्यमों से संपर्क स्थापित किया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को बच्ची के परिजनों की जानकारी मिल गई। जांच में पता चला कि बालिका शदरा, निवासी डुण्डई, थाना शहजाद नगर, जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है। सूचना मिलने पर उसके पिता सितारा खान को तत्काल जीआरपी थाना लक्सर बुलाया गया। आवश्यक पहचान सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
अपनी बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बालिका के परिजनों ने जीआरपी लक्सर पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर सहायता नहीं करती तो बच्ची को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी।
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा, खोए हुए बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सहायता तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस टीम लगातार गश्त कर रही है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जीआरपी हेल्प डेस्क या नजदीकी पुलिसकर्मी से संपर्क करें। इस सराहनीय कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रशिक्षु गुल्मनायक मोनू कुमार, कांस्टेबल संदीप कुमार तथा महिला कांस्टेबल ममता शामिल रहीं। अधिकारियों ने टीम की त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए जीआरपी भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच जीआरपी की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और मानवीय संवेदनाओं की रक्षा के लिए भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है।
यह भी पढ़ें–हरिद्वार कांवड़ मेला-2026 में खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन कार्रवाई 35 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण 12 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे…
यदि आप किसी विज्ञापन या अपने क्षेत्र/इलाके की खबर को हमारे न्यूज़ प्लेटउत्तराखंड पुलिसर्म पर प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो कृपया 9536109323 पर संपर्क करें। आपकी जानकारी को पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ प्रसारित किया जाएगा।
