खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के तहत हरिद्वार में 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी। किसानों से Smart PDS ऐप और किसान पोर्टल पर समय से पंजीकरण कराने की अपील की गई।
रिपोर्टर (अमन खान)
हरिद्वार जनपद हरिद्वार में खरीफ खरीद सत्र 2026-27 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारत सरकार के निर्देशों तथा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से किसानों का पंजीकरण अभियान जारी है। जिला प्रशासन और विपणन विभाग ने सभी किसान बंधुओं से अपील की है कि वे समय रहते Smart PDS ऐप अथवा किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराकर आगामी सरकारी धान खरीद का लाभ सुनिश्चित करें।
उप संभागीय विपणन अधिकारी प्रमोद सती ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के तहत सरकारी धान खरीद 1 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगी, जबकि किसानों का पंजीकरण 7 जुलाई 2026 से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है, जिसके लिए डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसानों और धान क्रय केंद्रों का पंजीकरण Smart PDS (स्मार्ट पीडीएस) ऐप तथा किसान पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित धान क्रय केंद्र अथवा निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी आसानी से पंजीकरण कराया जा सकता है। प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को इस प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीद से वंचित न रह जाए।
प्रमोद सती ने बताया कि पंजीकरण के बाद किसान अपने निकटतम अधिकृत धान क्रय केंद्र पर जाकर अपनी उपज बेच सकेंगे। इससे किसानों को फसल बेचने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा भुगतान प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए अभी से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें। भारत सरकार द्वारा खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित कर दिया गया है। इसके अनुसार कॉमन धान का एमएसपी ₹2,441 प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान का एमएसपी ₹2,461 प्रति क्विंटल तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप धान बेचने वाले किसानों को यही समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
विपणन विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पंजीकरण के समय आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। इनमें आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, भूमि संबंधी अभिलेख तथा फेस रिकग्निशन आधारित ई-केवाईसी के लिए आवश्यक जानकारी शामिल है। फेस रिकग्निशन आधारित ई-केवाईसी प्रणाली से पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाई गई है, जिससे वास्तविक किसानों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
अधिकारियों ने किसानों को यह भी सुझाव दिया कि वे केवल साफ, सूखा और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप धान ही खरीद केंद्रों पर लेकर आएं। अधिक नमी या अशुद्धियों वाला धान निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए कटाई, सुखाई और भंडारण के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय से पंजीकरण कराने वाले किसानों को खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद खरीद प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हुई है और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका भी कम हुई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ खरीद अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। क्रय केंद्रों की व्यवस्थाओं, तकनीकी सुविधाओं और किसानों की सहायता के लिए आवश्यक संसाधनों की तैयारी की जा रही है ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। उप संभागीय विपणन अधिकारी प्रमोद सती ने किसानों से अपील की कि यदि उन्हें पंजीकरण, ई-केवाईसी, दस्तावेज या धान खरीद प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो वे अपने निकटतम धान क्रय केंद्र प्रभारी, उप संभागीय विपणन अधिकारी कार्यालय अथवा संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800-180-1488 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना और पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाना है। ऐसे में सभी किसान समय रहते पंजीकरण कराएं और सरकारी खरीद योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में किसान सरकारी खरीद योजना से जुड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
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