उत्तराखंड अपर पीसीएस में चयनित अभिषेक अग्रवाल का कॉलेज में सम्मान
रायसी के हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज के पूर्व छात्र ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, शिक्षकों ने बताया युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
लक्सर (फरमान खान)। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस बात को एक बार फिर साबित कर दिखाया है हर्ष विद्या मंदिर पी.जी. कॉलेज, रायसी के पूर्व छात्र अभिषेक अग्रवाल ने। उत्तराखंड अपर पीसीएस परीक्षा में अभिषेक अग्रवाल का चयन सीईओ जिला पंचायत पद पर होने से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और महाविद्यालय में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि को शिक्षा जगत और युवा वर्ग के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
अभिषेक अग्रवाल की सफलता की खबर मिलते ही हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज, रायसी में उत्साह का वातावरण बन गया। महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। कॉलेज परिसर में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान अभिषेक अग्रवाल की उपलब्धि को सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
महाविद्यालय के प्रबंध समिति अध्यक्ष डॉ. के.पी. सिंह ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता उसके परिवार, शिक्षकों और संस्थान के लिए गर्व का विषय होती है। उन्होंने कहा कि अभिषेक अग्रवाल ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के दम पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे महाविद्यालय और क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है।
प्राचार्य प्रो. आदित्य गौतम ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि आज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं है। इसके लिए वर्षों की मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण की आवश्यकता होती है। अभिषेक ने इन सभी गुणों का परिचय देते हुए उत्तराखंड अपर पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय को अपने पूर्व छात्र की इस उपलब्धि पर गर्व है।

भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. सरल भारद्वाज ने अभिषेक अग्रवाल के छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि वह शुरू से ही अध्ययनशील और अनुशासित छात्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभिषेक ने न केवल स्नातकोत्तर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि यूजीसी-नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में भी सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां हमेशा से उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग पहचान दिलाती रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल पुस्तकीय ज्ञान से नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए निरंतर अभ्यास, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की भी आवश्यकता होती है। अभिषेक ने इन सभी गुणों को अपने व्यक्तित्व में शामिल किया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहे।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मुरली सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए अभिषेक अग्रवाल की सफलता एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि बड़े शहरों में रहने वाले विद्यार्थियों को ही बेहतर अवसर मिलते हैं, लेकिन अभिषेक ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो किसी भी क्षेत्र का युवा बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अभिषेक की सफलता से सीख लेते हुए अपने भविष्य के प्रति गंभीर होना चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरे आत्मविश्वास के साथ करनी चाहिए। सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हैं।
डॉ. अतुल कुमार दुबे ने कहा कि अभिषेक की उपलब्धि यह संदेश देती है कि संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखता है और लगातार प्रयास करता रहता है, वही अंततः सफलता हासिल करता है। अभिषेक ने अपने दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी अभिषेक अग्रवाल की सफलता को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और अन्य व्यस्तताओं के बीच विद्यार्थियों का ध्यान भटकना सामान्य बात है, लेकिन अभिषेक ने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और कठिन परिश्रम के माध्यम से अपने सपनों को साकार किया।
अभिषेक अग्रवाल की इस उपलब्धि से उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अभिषेक ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी।
उत्तराखंड अपर पीसीएस परीक्षा राज्य की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सीईओ जिला पंचायत जैसे महत्वपूर्ण पद पर चयन होना अभिषेक की प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है।
शिक्षाविदों का मानना है कि प्रशासनिक सेवाओं में युवाओं की भागीदारी समाज और राष्ट्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अभिषेक जैसे युवा अधिकारी भविष्य में बेहतर प्रशासन और जनसेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य करेंगे।
सम्मान समारोह के दौरान महाविद्यालय परिवार ने अभिषेक अग्रवाल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भी उनकी सफलता से प्रेरणा लेने की बात कही। कई छात्रों ने बताया कि वे भी अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर अधिक गंभीरता से सोच रहे हैं।
अभिषेक अग्रवाल की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और दृढ़ निश्चय के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज, रायसी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे लक्सर क्षेत्र के लिए भी सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
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