हरिद्वार में बसों का निरीक्षण करती यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीम
SSP के निर्देश पर यातायात पुलिस, सीपीयू और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, फायर सेफ्टी उपकरणों और इमरजेंसी एग्जिट की हुई जांच
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और यात्री विभिन्न माध्यमों से पहुंचते हैं। विशेष रूप से पर्यटन सीजन, अवकाश और धार्मिक आयोजनों के दौरान बसों के माध्यम से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि देखने को मिलती है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी बन जाती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जनपद में टूरिस्ट और यात्री बसों के लिए विशेष निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार के निर्देशानुसार दिनांक 10 जून 2026 को यातायात पुलिस हरिद्वार, सीपीयू (सिटी पेट्रोल यूनिट) तथा परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बसों में होने वाली दुर्घटनाओं तथा आग लगने जैसी घटनाओं की रोकथाम करना और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना था।
अधिकारियों के अनुसार हाल के समय में देश के विभिन्न हिस्सों में यात्री बसों में आग लगने और तकनीकी खराबी के कारण हुई दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। पुलिस का मानना है कि यदि समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों की जांच की जाए और वाहन संचालकों को जागरूक किया जाए तो कई संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

अभियान के दौरान संयुक्त टीम ने हरिद्वार में संचालित विभिन्न यात्री बसों, टूरिस्ट बसों तथा इलेक्ट्रिक बसों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की उपलब्धता, उनकी वैधता और कार्यक्षमता को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बसों में मौजूद अग्निशमन यंत्र सही स्थिति में हों और आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग प्रभावी रूप से किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान कई बस चालकों और परिचालकों को फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कई बार सुरक्षा उपकरण बसों में मौजूद तो होते हैं, लेकिन चालक और परिचालक उनके उपयोग की पूरी जानकारी नहीं रखते। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में समय पर सही कदम नहीं उठाया जा पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और रखरखाव के बारे में विस्तार से समझाया गया।
यातायात पुलिस ने बस संचालकों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर अग्निशमन यंत्रों की जांच करवाएं और उनकी वैधता समाप्त होने से पहले उन्हें बदलवाना सुनिश्चित करें। साथ ही बसों की नियमित तकनीकी जांच भी कराई जाए ताकि किसी प्रकार की यांत्रिक खराबी से दुर्घटना की संभावना न बने।
संयुक्त टीम द्वारा बसों में उपलब्ध इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास द्वार) का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने पाया कि कई बार बसों में सामान रखने या अन्य कारणों से निकास मार्ग प्रभावित हो जाते हैं, जिससे आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है। इस पर सभी बस संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि इमरजेंसी एग्जिट और निकासी मार्ग हमेशा साफ और अवरोध मुक्त रखे जाएं।
अभियान के दौरान बसों में लगे अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई। टीम ने यह देखा कि सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। जहां आवश्यक सुधार की जरूरत महसूस हुई, वहां संबंधित संचालकों को दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बस मालिकों और परिचालकों को यह भी निर्देशित किया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश बसों की खिड़कियों, प्रवेश द्वारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे यात्रियों को भी आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी मिल सकेगी।

यातायात पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें वाहन संचालकों, परिचालकों और यात्रियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि सभी लोग सुरक्षा नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अभियान के दौरान कई वाहन चालकों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से उन्हें सुरक्षा मानकों के बारे में नई जानकारी मिलती है और वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए सभी परिवहन संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन नगरी है, जहां पूरे वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाता है।
यातायात पुलिस हरिद्वार, सीपीयू और परिवहन विभाग ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसे संयुक्त निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे। इन अभियानों का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि यात्रियों और वाहन संचालकों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
अधिकारियों ने सभी वाहन संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करें, निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग करें। उन्होंने यात्रियों से भी यात्रा के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
हरिद्वार पुलिस का मानना है कि सतर्कता, जागरूकता और सुरक्षा मानकों के पालन से ही यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सकता है। यही कारण है कि जनपद में सुरक्षा को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि हर यात्री अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बना सके।
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