"देहरादून में आयोजित अखाड़ा शेरान समिति के चुनाव में तिलक राज लगातार तीसरी बार निर्विरोध प्रधान चुने गए
देहरादून। उत्तराखंड में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत अखाड़ा शेरान समिति के चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में तिलक राज को लगातार तीसरी बार निर्विरोध प्रधान चुना गया। समिति के सदस्यों ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए संगठन की जिम्मेदारी सौंपी। चुनाव के बाद समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित चुनाव प्रक्रिया के दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। समिति ने बृजेश चावला को महामंत्री तथा कुशलानंद सेमवाल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। सभी पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा युवाओं को पारंपरिक खेलों से जोड़ने का संकल्प लिया। अखाड़ा शेरान समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति पिछले लगभग 50 वर्षों से उत्तराखंड में भारतीय पारंपरिक खेल कुश्ती को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में पहलवान और खेल प्रेमी भाग लेते हैं। यह परंपरा लगातार जारी है और इसके माध्यम से युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया जाता है।
चुनाव के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में युवाओं को खेलों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और सामाजिक बुराइयों से युवाओं को दूर रखने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है। गांवों और कस्बों में आयोजित होने वाले दंगल सदियों से सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहे हैं। ऐसे में अखाड़ा शेरान समिति का प्रयास केवल खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का भी कार्य कर रही है।
नवनिर्वाचित प्रधान तिलक राज ने अपने संबोधन में समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार उन्हें निर्विरोध चुना जाना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पहले की तरह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन के हित में कार्य करेंगे। तिलक राज ने कहा कि समिति का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को कुश्ती और अन्य पारंपरिक खेलों से जोड़ना है। इसके लिए समय-समय पर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों और खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन देने की है।
महामंत्री बनाए गए बृजेश चावला ने कहा कि समिति आगामी समय में अपने कार्यक्रमों का विस्तार करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं कोषाध्यक्ष कुशलानंद सेमवाल ने कहा कि समिति की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी सदस्य मिलकर कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है। यह युवाओं में अनुशासन, संघर्ष की भावना, धैर्य और सम्मान की भावना विकसित करती है। ऐसे खेल समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरदार देवेंद्र सिंह, चंदन सिंह, कमल सिंह, प्रदीप, रिंकू, फकीर चंद, नत्थू सिंह, चंदर सहित समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे। सभी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन की मजबूती और खेलों के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी अखाड़ा शेरान समिति युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने, पारंपरिक कुश्ती की संस्कृति को जीवित रखने और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। लगातार तीसरी बार तिलक राज का निर्विरोध प्रधान चुना जाना उनके नेतृत्व पर सदस्यों के विश्वास और समिति की एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है।
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