देहरादून में RCS पोर्टल का शुभारंभ करते सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और नियुक्ति पत्र प्राप्त करते सहायक सहकारी निरीक्षक
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सभागार, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने निबंधक सहकारी समितियां कार्यालय के अत्याधुनिक ऑनलाइन आरसीएस (RCS) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों (वर्ग-2) को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों से जुड़ी अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनेगी। इससे आम नागरिकों को विभागीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर सहकारी समितियों का पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत एवं सुझाव निस्तारण, नामांकन सत्यापन, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट प्रबंधन, सदस्यता संबंधी विवरण, दस्तावेज प्रबंधन और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
नव नियुक्त सहायक सहकारी निरीक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि वे विकसित भारत के युवा ब्रांड एंबेसडर हैं। सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने और लोगों को इसका लाभ दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजना प्रत्येक ब्लॉक में एक ‘सहकारिता ग्राम’ स्थापित करने की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त अधिकारी अपनी कार्यकुशलता और नवाचारों से इस लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने में सहयोग करेंगे। सहकारिता मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहली नियुक्ति युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। यदि अधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें तो वे पहाड़ी क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग शीघ्र ही ब्लॉक स्तर पर 100 ऋण मेलों का आयोजन करेगा, जिनके माध्यम से किसानों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और काश्तकारों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता सचिव डॉ. इकबाल अहमद ने कहा कि सहकारिता विभाग आज ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभानी होगी। इस अवसर पर संयुक्त निबंधक मंगला प्रसाद त्रिपाठी ने नव नियुक्त सहकारी निरीक्षकों को विभागीय कार्यप्रणाली, दायित्वों और अपेक्षाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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